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मुज़फ्फरनगर। बघरा दरगाहें आलिया में मजलिसों का सिलसिला शुरू हो गया है,पहली मजलिस मौलाना कायम रज़ा ने खिताब की मौलाना ने कहा कि आप सभी सोगवार जो यहां आए है वो सब अपने अंदर एक परिवर्तन लेकर जाएंगे । मौलाना ने कहा की मजलिस सुनने के बाद हम देखेगे की हम गुनाहो से कितने बचे। हमे अधिक से अधिक मानवो की सेवा करनी है। मानवता धर्म से भी ऊपर है। उन्होंने कहा कि अल्लाह उस इंसान से सबसे अधिक खुश होता है जो दूसरे इंसानो के काम आता है। दूसरी मजलिस मौलाना मेहदी हसन वायज़ ने खिताब की मौलाना ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज हमारा सबसे बड़ा नुकसान कर रहा है। जलवायु परिवर्तन ग्रीन हाउस गैसों के बढ़ते उत्सर्जन से हो रहा है। जैसे-जैसे ग्रीनहाउस गैस सांद्रता बढ़ती है, वैसे-वैसे वैश्विक सतह का तापमान भी बढ़ता है। पिछला दशक, 2011-2020, रिकॉर्ड पर सबसे गर्म दशक था । 1980 के दशक के बाद से प्रत्येक दशक पिछले दशक की तुलना में अधिक गर्म रहा है। लगभग सभी भूमि क्षेत्रों में अधिक गर्म दिन और लू चल रही है। उच्च तापमान गर्मी से संबंधित बीमारियों को बढ़ाता है और बाहर काम करना अधिक कठिन बना देता है। जब परिस्थितियाँ अधिक गर्म होती हैं तो जंगल की आग अधिक आसानी से लगती है और अधिक तेजी से फैलती है। आर्कटिक में तापमान वैश्विक औसत से कम से कम दोगुनी तेजी से बढ़ा है। इससे सूखा , महासागरों का गर्म होना, प्रजातियों की हानि, गरीबी व विस्थापन, फसलो की हानि अधिक हो रही है । आज हम जागरूक बने अधिक से अधिक पेड़ लगाए । भू जल का अधिक दोहन न करे। ड्रिप सिंचाई का इस्तेमाल करे। सफाई का विशेष् ध्यान रखे। सभी देशो की सरकारे पेरिस समझौते का कड़ाई से पालन करे। जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना 2008 का पालन होना चाहिए।
बाद में मौलाना ने इमाम हुसैन (अ. स.) और हज़रत अब्बास (अ. स.) के मसाहिब पढ़े जिसे सुनकर शिया सोगवार ज़ार ज़ार रोने लगे । इस मौके पर जनरल सेक्रेटरी इमरान अली, अध्यक्ष हाजी निसार, इंजीनियर आरिफ , रियासत अली, हसन प्रधान आदि मौजूद रहे।















