बांदा। प्रदेश की योगी सरकार द्वारा गोवंशों के संरक्षण और अपराध के विरुद्ध अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का असर अब धरातल पर साफ दिखने लगा है। जनपद बांदा में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाइयों ने गौ-तस्करों की कमर तोड़ दी है। जिससे न केवल गोवंश सुरक्षित हुए हैं। बल्कि जिले की कानून व्यवस्था भी अभेद्य हुई है। 2021 से 2025 तक गौतस्करी के 15 मामले दर्ज किए गए जिसमें 49 लोगों को जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2021 से 2026 के बीच जिले में गौ-तस्करी के कुल 14 मामले दर्ज किए गए। जिसमें 2021 में 2, 2022 में 4, 2023 में 3, 2024 में 2 व 2025 में 3 मामले दर्ज किए गए। योगी सरकार की सक्रियता का ही परिणाम है कि इन मामलों में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 49 अभियुक्तों को सलाखों के पीछे भेजा है। जिसमें 43 अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। जबकि 6 अभियुक्तों में आत्मसमर्पण किया। न्याय प्रक्रिया को गति देते हुए 11 मामलों में पुलिस द्वारा आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल की जा चुकी है। जबकि एक मामले में अंतिम रिपोर्ट भी लग चुकी है।
सरकार के प्रयासों को जन-सहयोग से जोड़ते हुए जिले में श्गौ-संरक्षण समितियोंश् का गठन किया गया है। ये समितियां न केवल गोवंशों की देखभाल सुनिश्चित कर रही हैं बल्कि संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस के तीसरे नेत्र के रूप में कार्य कर रही हैं। योगी सरकार की इस मुस्तैदी से जहां एक ओर तस्करों में खौफ है वहीं दूसरी ओर आम जनमानस में गोवंशों की सुरक्षा को लेकर भारी संतोष भी है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि बांदा पुलिस ने सीमाओं पर ऐसी घेराबंदी की है कि वर्ष 2026 में अब तक गौ-तस्करी का एक भी मामला प्रकाश में नहीं आया है। एसपी ने स्पष्ट किया कि गौ-तस्करों के विरुद्ध पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं। जनपद के सभी बार्डर चेक-पोस्टों पर 24 घंटे पैनी निगरानी रखी जा रही है।















