मुजफ्फरनगर में मतदाताओं को नोटिस भेजने पर सपा नेता साजिद हसन का आरोप, उत्पीड़न रोकने की मांग.

मुजफ्फरनगर में समाजवादी पार्टी के नेता साजिद हसन ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि 2003 की मैपिंग के अपूर्ण ब्यौरे के नाम पर हजारों मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 15 हजार से 29 हजार तक नोटिस भेजे गए हैं और अब प्रत्येक बूथ पर 700 से 800 मतदाताओं में से लगभग डेढ़ सौ से तीन सौ लोगों को नोटिस देकर अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। साजिद हसन का कहना है कि एक ही परिवार के छह या उससे अधिक सदस्यों को भी नोटिस थमाए जा रहे हैं, जिससे बूथों पर भीड़ लग रही है और मतदाताओं को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग स्वयं मतदाता सूची में नाम, आयु और अन्य विवरणों में त्रुटियां करता रहा है, लेकिन अपनी कमियों को सुधारने के बजाय अब उन्हीं त्रुटियों का ठीकरा मतदाताओं पर फोड़ा जा रहा है।

सपा नेता ने कहा कि एस आई आर के नाम पर भारी संख्या में नोटिस जारी कर आम नागरिकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। बूथ लेवल ऑफिसर के ऐप में कनेक्टिविटी की समस्या के कारण कई बार मतदाताओं का विवरण दर्ज नहीं हो पाता, जिससे लोगों को कई-कई घंटे इंतजार करना पड़ता है और कई बार पूरा दिन इसी प्रक्रिया में निकल जाता है। उन्होंने मांग की कि हर बूथ पर सैकड़ों की संख्या में नोटिस भेजने की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए और जिन मतदाताओं के नाम सूची में पहले से दर्ज हैं, उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। साजिद हसन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए और प्रशासन को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे लोगों को सुविधा मिले, न कि परेशानी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह का उत्पीड़न जारी रहा तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेगी।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts