सिरोही में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला मुख्यालय के पुलिस अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को कोटपा-2003 से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण गुरुवार को रिजर्व पुलिस लाइन के सामुदायिक सभागार में सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी के निर्देशानुसार आयोजित किया गया।
सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम 2003 की धारा 4, 5, 6 और 7 के तहत विभिन्न प्रतिबंध और दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान अपराध की श्रेणी में आता है, जिसके उल्लंघन पर 200 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसी तरह, तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर भी पूर्ण प्रतिबंध है, जिसका उल्लंघन करने पर 1000 से 5000 रुपये का जुर्माना और 1 से 5 साल तक की सजा हो सकती है।डिप्टी सीएमएचओ हेल्थ डॉ. एसपी शर्मा ने तंबाकू के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तंबाकू के सेवन से मुख एवं संपूर्ण स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि गुटखा, पान मसाला या खैनी के उपयोग से मुंह में विभिन्न रोग उत्पन्न हो सकते हैं, जबकि बीड़ी-सिगरेट पीने से उच्च रक्तचाप, सांस की बीमारियां और फेफड़ों का कैंसर हो सकता है।
जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट धनीराम झा ने कोटपा एक्ट 2003 की विस्तृत जानकारी देते हुए विभिन्न धाराओं की व्याख्या की। उन्होंने उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को तंबाकू सेवन न करने और दूसरों को भी इससे बचाने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम में रिजर्व पुलिस लाइन प्रभारी राजेश पंचाल, पुलिस निरीक्षक, जिला आईईसी समन्वयक दिलावर खां, एनटीसीपी डीईओ बलवान सिंह कौल भी उपस्थित रहे।सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने आमजन एवं मीडिया से इस मुहिम में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया, ताकि तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों से समाज को बचाया जा सके।















