तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की करीबी सहयोगी वीके शशिकला नई राजनीतिक पार्टी बनाने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि वह 24 फरवरी को अपनी नई पार्टी की औपचारिक घोषणा कर सकती हैं। यह कदम आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एआईएडीएमके के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है और राज्य की राजनीतिक समीकरणों पर गहरा असर डाल सकता है।वीके शशिकला लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूर थीं। जेल से रिहाई के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सीमित भूमिका निभाई, लेकिन अब उनके दोबारा सक्रिय होने की खबरों ने सियासी हलकों में चर्चा तेज कर दी है। पिछले कुछ दिनों से वह चेन्नई के पोएस गार्डन स्थित अपने आवास पर लगातार बैठकों का दौर चला रही हैं। इन बैठकों में एआईएडीएमके और एएमएमके के कई पूर्व और वर्तमान पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, शशिकला अपने समर्थकों को संगठित कर एक नए राजनीतिक मंच के जरिए तमिलनाडु की राजनीति में मजबूत वापसी करना चाहती हैं। पोएस गार्डन में उनसे मिलने पहुंचे समर्थकों को एक प्रपत्र भी दिया गया, जिसमें उनका नाम, संपर्क विवरण और पार्टी में निभाई गई पिछली जिम्मेदारियों की जानकारी मांगी गई। इसे नए संगठन के ढांचे को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शशिकला की नई पार्टी एआईएडीएमके के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगा सकती है। जयललिता के निधन के बाद से ही पार्टी में नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही है। ऐसे में शशिकला की वापसी पुराने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट कर सकती है, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो जाएगा।तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। शशिकला का यह कदम न केवल एआईएडीएमके बल्कि अन्य दलों के लिए भी नई चुनौती बन सकता है। अब सबकी निगाहें 24 फरवरी पर टिकी हैं, जब उनके अगले कदम की औपचारिक तस्वीर साफ हो सकती है।















