संसद में देर रात तक महिलाओं के आरक्षण, संविधान संशोधन, और परिसीमन से जुड़े तीन बिलों पर चर्चा चली। कई बार लोकसभा की कार्यवाही बढ़ाई गई। देर रात तक बड़ी संख्या में सांसद सदन में मौजूद रहे और इस विधेयक पर हो रही चर्चा में हिस्सा लिया।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने महिला सांसदों की भागीदारी और मौजूदगी की तारीफ की। इस बीच पीएम मोद ने शुक्रवार सुबह एक्स पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा- हमारी नारी शक्ति सशक्त भारत की पहचान है।
‘नारी शक्ति’ पर बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने एक्स पर ये पोस्ट ऐसे समय में किया जब महिला आरक्षण अधिनियम 2023 गुरुवार रात से लागू भी हो गया। केंद्रीय विधि मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, ‘हमारी नारी शक्ति सशक्त भारत की पहचान है। देश की माताएं-बहनें और बेटियां अपनी अटूट संकल्पशक्ति, निष्ठा और सेवाभाव से आज हर क्षेत्र में भारतवर्ष का गौरव बढ़ा रही हैं।
पीएम मोदी ने संसद में चर्चा के दौरान दी गारंटी
प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले संसद के विशेष सत्र में गुरुवार को अपनी बात रखी। उन्होंने लोकसभा में सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण अधिनियम संबंधी संविधान संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि जो भी इसका विरोध करेंगे, उन्हें इसकी कीमत लंबे समय तक चुकानी पड़ेगी। प्रधानमंत्री ने इन तीनों विधेयकों पर अपने विचार रखते हुए यह भी कहा कि इस विषय को राजनीति के तराजू से नहीं तौलना चाहिए और इसका श्रेय वह विपक्षी दलों को भी देने को तैयार हैं।
परिसीमन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री की खरी-खरी
प्रधानमंत्री मोदी ने परिसीमन से जुड़ी कुछ सदस्यों की चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि जैसे पहले परिसीमन हुआ और जो अनुपात उस समय से चला आ रहा है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा और सीटों की संख्या में वृद्धि भी उसी अनुपात में होगी। इस बीच महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन से संबंधित विधेयक पर आज यानी शुक्रवार को चर्चा संपन्न होगी जिसके बाद इस पर मत विभाजन होगा। विधेयक पर मत विभाजन के लिए शाम चार बजे का समय निर्धारित किया गया है।
संसद में चर्चा के बाद आज वोटिंग
सरकार ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू करने से संबंधित ऐतिहासिक ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ संसद के निचले सदने में पेश किए थे। इन विधेयकों पर गुरुवार देर रात एक बजकर 20 मिनट तक चर्चा हुई और शुक्रवार सुबह इन पर चर्चा आगे बढ़ाई जाएगी। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन कर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने और अन्य पिछड़े वर्गों से उनकी हिस्सेदारी छीनने की तैयारी में है।
विपक्ष ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
विपक्ष ने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से मुक्त करके 2029 से ही लोकसभा की वर्तमान संख्या 543 के आधार पर लागू किया जा सकता है । इस बीच, महिला आरक्षण अधिनियम 2023 गुरुवार रात से लागू भी हो गया। केंद्रीय विधि मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई। संसद में इस कानून में संशोधन करने और इसे 2029 में लागू करने पर जारी चर्चा के बीच 2023 के अधिनियम को 16 अप्रैल से लागू किया गया।















