मुजफ्फरनगर के जडौदा स्थित होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज के सभागार में बाल विवाह रोकथाम को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन संस्था ग्रामीण समाज विकास केन्द्र के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें छात्र-छात्राओं और समाज के लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. सतेन्द्र कुमार चौधरी, सब-इंस्पेक्टर जगत सिंह, चाइल्ड हेल्पलाइन सदस्य सचिन कुमार, धनीराम और प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर सभी अतिथियों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सतेन्द्र कुमार ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है, जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत यह एक दंडनीय अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह होता दिखे तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दें।संस्था के सचिव मेहचंद ने बताया कि उनकी संस्था भारत सरकार के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान से जुड़ी हुई है और जिले में प्रशासन के साथ मिलकर इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया जैसे अवसरों पर बाल विवाह की घटनाएं अधिक देखने को मिलती हैं, इसलिए लोगों को जागरूक रहना जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने बाल विवाह के खिलाफ नुक्कड़ नाटक और भाषण प्रस्तुत किए, जिन्हें प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया।
सब-इंस्पेक्टर जगत सिंह ने मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर 1098, 112 और 1090 की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने यातायात नियमों का पालन करने का भी संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए ऐसे कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन पैरालीगल वॉलंटियर गौरव मलिक ने किया, जबकि शिक्षकों और अन्य सहयोगियों का भी विशेष योगदान रहा।















