मुजफ्फरनगर में ओवरलोड खनन वाहनों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा अभियान चलाया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देश पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुशील कुमार मिश्रा के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। इस अभियान में पुलिस अधीक्षक यातायात, मंसूरपुर थाना प्रभारी और खनन विभाग की टीम का भी सहयोग रहा।अभियान के दौरान मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज के पास स्थित खाली स्थान पर चेकिंग अभियान चलाया गया, जहां आठ ओवरलोड खनन वाहनों को पकड़ा गया। इन वाहनों के विरुद्ध परिवहन विभाग ने कार्रवाई करते हुए कुल 5 लाख 69 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही खनन विभाग ने भी इन वाहनों पर अलग से जुर्माना आरोपित किया, जिससे कार्रवाई और अधिक प्रभावी बन गई।
इससे पहले भी परिवहन विभाग द्वारा तीन अन्य खनन वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई थी। वहीं एक वाहन को गंभीर अनियमितता पाए जाने पर थाना खतौली में निरुद्ध कर दिया गया। इस प्रकार कुल मिलाकर 11 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने 9 लाख 55 हजार 250 रुपये का जुर्माना वसूला।प्रशासन का कहना है कि ओवरलोडिंग से न केवल सड़कों को भारी नुकसान होता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले में लगातार अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।इस कार्रवाई से खनन माफिया और नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की इस सख्ती को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि जिले में ओवरलोडिंग पर अंकुश लगेगा और सड़क सुरक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।















