बुढ़ाना तहसील क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर दभेड़ी में जमीयत उलेमा ए हिंद शाखा तहसील बुढ़ाना की ओर से एक दिवसीय दीऩी, शैक्षिक एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता क़ारी आमिर ने की, जबकि इसकी निगरानी मुफ्ती आस मोहम्मद क़ासमी द्वारा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला सचिव मुफ्ती आदिल साहब ने शिरकत की।
अपने संबोधन में मुफ्ती आदिल साहब ने कहा कि छोटे मकतब बड़े मदरसों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होते हैं। इनमें ऐसे बच्चे भी आसानी से जुड़ जाते हैं जो औपचारिक शिक्षा से दूर रहते हैं। कम समय में उन्हें दीऩी तालीम और अच्छी तरबियत मिलती है, जिससे आगे चलकर वे मदरसों और समाज दोनों के लिए उपयोगी साबित होते हैं।तहसील अध्यक्ष क़ारी आमिर ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी क़ौम की तरक्की या पतन का सबसे बड़ा पैमाना शिक्षा होती है। यदि हर मुहल्ले और हर गली-कूचे में छोटे-छोटे मकतब क़ायम किए जाएं तो समाज में फैली अनेक बुराइयों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।तहसील जनरल सेक्रेटरी मुफ्ती आस मोहम्मद क़ासमी ने शैक्षिक व्यवस्था पर बात रखते हुए कहा कि हमारे अकाबिर की हमेशा यह कोशिश रही है कि समाज का हर बच्चा शिक्षित हो। इसी सोच के तहत बुज़ुर्गों द्वारा तैयार किया गया पाठ्यक्रम आज भी नौनिहालों के लिए अत्यंत लाभकारी है।
कार्यशाला में जिला स्तर से मौलाना समीउल्लाह, मुफ्ती जावेद सहित अनेक उलेमा और ज़िम्मेदारान मौजूद रहे। ब्लॉक अध्यक्ष मौलाना ज़ाहिद, ब्लॉक जनरल सेक्रेटरी हाफ़िज़ अय्यूब त्यागी, शहर सेक्रेटरी हाफ़िज़ निज़ामुद्दीन, तहसील उपाध्यक्ष मौलाना फ़ारुक़, मौलाना अब्दुल हक़, मुफ्ती शुऐब क़ासमी, हाफ़िज़ यूनुस, क़ारी मुनव्वर, मुफ्ती इफ्तिख़ार, मुफ्ती शाहआलम, मौलाना बिलाल, मौलाना अम्मार समेत बड़ी संख्या में उलेमा ए कराम उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मदरसा के ज़िम्मेदारों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।















