औरैया जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिलावट के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त (खाद्य) अम्बा दत्त पाण्डेय के निर्देश पर टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार राय और खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय कुमार श्रीवास ने दूध डेयरियों, खोया भट्टियों, निर्माण इकाइयों, सप्लायरों और खाद्य प्रतिष्ठानों से खाद्य नमूने एकत्र किए।

जिला उद्योग केंद्र, दिव्यापुर रोड औरैया में स्थित आटा निर्माण इकाई पर छापेमारी के दौरान पाया गया कि विक्रेता के पास खाद्य पंजीकरण था, जबकि उसे खाद्य लाइसेंस लेना चाहिए था। इस पर सुधार नोटिस जारी किया गया। अजीतमल तहसील के शांति नगर बाबरपुर में बिना खाद्य पंजीकरण व लाइसेंस के संचालित छेना निर्माण इकाई पर छापेमारी की गई। यहां 207 किलो खराब छेना मिला, जिसे गड्ढे में डलवाकर नष्ट कराया गया। इसकी कीमत 31,050 रुपए आंकी गई।
अब तक कुल 20 नमूने इकट्ठा कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद मिलावट पाए जाने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत विधिक कार्रवाई होगी।
सहायक आयुक्त द्वितीय अम्बा दत्त पाण्डेय ने खाद्य व्यापारियों को सलाह दी कि वे खाद्य पदार्थों की खरीदारी का बिल अवश्य लें, जिससे निर्माता, डिस्ट्रीब्यूटर और सप्लायर भी जिम्मेदार ठहराए जा सकें। उन्होंने व्यापारियों से वार्षिक टर्नओवर के अनुसार खाद्य पंजीकरण और लाइसेंस लेने की अपील की। उन्होंने आम जनता से भी आग्रह किया कि यदि उन्हें मिलावटी या दूषित खाद्य पदार्थों की जानकारी मिले तो इसकी लिखित सूचना खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, औरैया कार्यालय में दें।















