लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार, 21 फरवरी को सुबह करीब 11 बजे महाराष्ट्र के भिवंडी कोर्ट में पेश हुए। साल 2014 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर दिए गए एक कथित बयान के मामले में उनके खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया गया था। यह शिकायत भिवंडी के आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंटे की ओर से दर्ज कराई गई थी। कोर्ट ने इस मामले में उन्हें पेश होने का आदेश दिया था।इस केस में राहुल गांधी को पहले ही जमानत मिल चुकी थी, लेकिन उस समय जमानत देने वाले जमानतदार शिवराज पाटिल का निधन हो गया है। ऐसे में इस बार उनकी ओर से नया जमानतदार पेश कर जमानत की प्रक्रिया को नियमित किया गया। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी अब तक इस मामले में तीन बार भिवंडी कोर्ट में पेश हो चुके हैं और शुक्रवार की पेशी मुख्य रूप से जमानत संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए थी।
इससे पहले गुरुवार, 20 फरवरी को राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में भी पेश हुए थे। लगातार दूसरे दिन कोर्ट में पेशी को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज रही।
इसी बीच दिल्ली में राजनीतिक टकराव भी देखने को मिला। कांग्रेस के युवा विंग IYC द्वारा AI समिट के दौरान विरोध प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा ने भी जवाबी प्रदर्शन किया। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा और अन्य नेताओं के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय के बाहर मानसिंह रोड स्थित जैसलमेर हाउस के सामने जुटे और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की। जब राहुल गांधी पेशी के लिए भिवंडी रवाना हो रहे थे, तब बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए।
राहुल गांधी की पेशी को देखते हुए भिवंडी कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे परिसर की जांच की गई। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। नेता विपक्ष होने के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई और अदालत परिसर व आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी करती रहीं।















