बांदा। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की कई वर्षों से लंबित महत्वपूर्ण मांगों को लेकर इंडियन बैंक्स एसोसिएशन, डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज, वित्त मंत्रालय और भारत सरकार के उदासीन रवैये से निराश होकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने 24 और 25 मार्च 2025 को 48 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है।
सरकारी उदासीनता के चलते बैंक कर्मचारियों में भारी असंतोष पनप रहा है, जिसके कारण यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के पास हड़ताल ही एकमात्र विकल्प बचा है। अपनी मांगों के समर्थन में यूनियन ने स्टेशन रोड स्थित केनरा बैंक की मुख्य शाखा के सामने जोरदार प्रदर्शन किया।
बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सभी संवर्गों में पर्याप्त भर्तियां, अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण, स्थायी पदों को आउटसोर्सिंग से बचाना, बैंकिंग उद्योग में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करना, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए निदेशक पदों की नियुक्ति, शाखाओं के भीतर कर्मचारियों और अधिकारियों पर हो रहे शारीरिक हमलों से सुरक्षा सुनिश्चित करना, रियायती दरों पर मिलने वाले कर्मचारी कल्याण लाभों पर आयकर वसूली को रोकना, सरकार द्वारा बैंकों में 51 प्रतिशत शेयर बनाए रखना और लंबित मुद्दों का शीघ्र समाधान शामिल हैं।
इस प्रदर्शन में रावेन्द्र कुमार शुक्ला, नरेंद्र कश्यप, शशिकांत गुप्ता, कुलदीप यादव, आसिफ नजमी, अरुण अंबेडकर, नीरज तिवारी, आशुतोष तिवारी, नवल, दीपक गुप्ता, जितेंद्र सागर, पराग वर्मा, शिवानी गुप्ता, नैना पवार, मनीषा, संतोष सविता, जितेंद्र, अजीत, हर्ष गौरव, चुन्नूलाल, महेश चौरसिया, दिलशाद, कमल, गोविंद, विनय सिंह, बालेन्द्र सिंह, आनंद सिंह, चंद्रा सहित कई कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए।
इस संबंध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के संयोजक रावेन्द्र कुमार शुक्ला ने जानकारी दी।















