भारत में स्पेसएक्स की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक नियामक अड़चनों की वजह से अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। इस लंबी देरी की वजह से स्टारलिंक के फाउंडर एलन मस्क ने भड़कते हुए X पर पोस्ट किया है।उन्होंने अपने पोस्ट में किसी का नाम सीधे तौर पर लिए बिना भारत के कुछ बड़े उद्योगपतियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मस्क ने इसे भारतीय जनता के साथ अपराध करार दिया है।गौरतलब है कि एलन मस्क ने ये आरोप पीएम मोदी द्वारा IMC 2026 के उद्घाटन से कुछ घंटे पहले लगाए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार पीएम मोदी गुरुवार को Jio के सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर बड़ी घोषणा कर सकते थे।
धन्नासेठों पर मोनोपॉली बनाए रखने का आरोप
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मस्क ने लिखा है कि दुर्भाग्य से कुछ खास धन्नासेठ स्टारलिंक को भारत में रोक रहे हैं ताकि आम जनता पर उनकी मोनोपॉली का शिकंजा बना रहे।उन्होंने उन लोगों के बारे में अंदाजा लगाने का काम लोगों पर छोड़ दिया है। मस्क की यह प्रतिक्रिया उस पोस्ट पर आई है, जिसमें कहा गया था कि भारत के दुर्गम इलाकों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने के लिए स्टारलिंक की सख्त जरूरत है।
गांवों और शहरों में इंटरनेट तक पहुंच असमान
- मस्क ने जिस पोस्ट पर जवाब दिया है, उसके आंकड़ों के मुताबिक मई 2026 तक देश के 11,256 गांवों में 4G कवरेज तक नहीं पहुंच पाई थी।
- मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कुल 1.093 अरब इंटरनेट ग्राहक थे, लेकिन इसका वितरण काफी असमान है।
ग्रामीण भारत में सिर्फ 44.08 करोड़ कनेक्शन थे और वहां इंटरनेट घनत्व प्रति 100 लोगों पर सिर्फ 48.31 था, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा प्रति 100 लोगों पर 126.80 दर्ज किया गया था।
20 गेटवे के साथ स्टारलिंक तैयार
स्पेसएकस में स्टारिलंक बिजनेस ऑपरेशंस की वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रायर ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस में जानकारी दी है कि कंपनी ने भारत के लिए खास सुरक्षा उपाय तैयार किए हैं।उनके अनुसार भारत में पहले ही 20 गेटवे साइट्स का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया जा चुका है। उन्होंने साफ किया है कि स्टारलिंक पिछले पांच सालों से भारतीय नियामकों के साथ काम कर रही है और वे भारतीय यूजर्स का डेटा पूरी तरह से भारत में रखने को तैयार हैं।
लाइसेंस मिलने के बावजूद मंजूरी के इंतजार में स्टारलिंक
भारत सरकार ने देश में सैटेलाइन सर्विस देने के लिए स्टारलिंक के साथ-साथ तीन कंपनियों को लाइसेंस दिए हैं। स्टारलिंक ने अपनी सर्विस शुरू करने के लिए जमीनी स्तर पर सबी तरह के निवेश और तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसके बावजूद कंपनी को सर्विस शुरू करने से पहले अंतिम मंजूरी का इंतजार है।















