चंडीगढ़ शहर में प्रॉपर्टी का क्रेज लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। एस्टेट ऑफिस की ताजा ई-नीलामी में सेक्टर-19बी का एक कनाल प्लॉट 22.67 करोड़ में बिका, जबकि सेक्टर-33सी में दो कनाल का प्लॉट साढ़े 33 करोड़ तक पहुंच गया।सरकारी बोली में यह अब तक की सबसे महंगी बोली है। इसे राजेंद्र गौतम ने खरीदा है।
महज 75 करोड़ की रिजर्व वैल्यू पर प्रशासन को 168.85 करोड़ की कमाई हुई, जिसमें 13 रिहायशी और दो कॉमर्शियल साइट्स की रिकॉर्ड तोड़ बोली शामिल रही। एस्टेट ऑफिस ने 2 से 4 सितंबर तक यह ई-नीलामी की। इसमें से प्रशासन को 168.85 करोड़ की कमाई हुई जोकि 75.29 करोड़ की रिजर्व वैल्यू से कहीं अधिक है।
ये स्थिति तब है जब एक अप्रैल से यूटी प्रशासन ने नए कलेक्टर रेट लागू किए हैं, जिसके बाद चंडीगढ़ में संपत्तियों के दाम डेढ़ से तीन गुना बढ़े हैं। इसके बावजूद लोग चंडीगढ़ में घर के लिए कई करोड़ रुपये खर्च करने को तैयार हैं।
इस नीलामी में कुल 288 आवेदकों ने 587 आवेदन दाखिल किए। नीलामी में उपलब्ध कराए गए 20 साइट्स में से 15 साइट्स (13 रिहायशी और 2 कॉमर्शियल) बिक गए जबकि बाकी 5 कॉमर्शियल साइट्स पर केवल एक-एक बोली आने के कारण उन्हें अगली नीलामी में शामिल किया जाएगा।
एस्टेट ऑफिसर-कम-डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव ने कहा कि इस तरह की नीलामियां न सिर्फ शहर के राजस्व में इजाफा करती हैं बल्कि योजनाबद्ध शहरी विकास और सतत प्रगति को भी प्रोत्साहित करती हैं। प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि सेक्टर-33 सी में दो कनाल का प्लॉट 33.50 करोड़ में बिका है। यह मार्केट रेट से कम है। मौजूदा समय में मार्केट रेट 35 करोड़ रुपये है। साल 2010 में इस प्रॉपर्टी की कीमत तीन करोड़, 2015 में 12 करोड़, 2020 में 19 करोड़, 2025 में करीब 22 करोड़ रुपये थी। इसी प्राॅपर्टी की ई-नीलामी में 33 करोड़ बोली लगी।















