मुजफ्फरनगर में ‘नो हेलमेट-नो फ्यूल’ अभियान तेज, 15 वाहन चालकों के कटे चालान

मुजफ्फरनगर में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन और परिवहन विभाग लगातार सख्ती बरत रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश और जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के आदेश पर जिले में सितंबर माह को ‘नो हेलमेट-नो फ्यूल’ माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन सुशील कुमार मिश्रा ने रविवार को जिले के विभिन्न पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। इस दौरान पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट ईंधन भराने आए वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई। अभियान के पहले ही दिन 15 ऐसे वाहन चालकों का चालान किया गया, जो बिना हेलमेट पेट्रोल डलवाने पहुंचे थे।अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। परिवहन अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई पूरे माह लगातार जारी रहेगी। जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे किसी भी हालत में बिना हेलमेट वाहन चालकों को पेट्रोल या डीजल न दें। यदि कोई पंप संचालक नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पंपों पर मौजूद लोगों को सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि अक्सर सड़क हादसों में सबसे अधिक मौतें सिर पर चोट लगने से होती हैं और हेलमेट ऐसे हादसों में जीवन रक्षक साबित होता है। इसलिए जरूरी है कि हर वाहन चालक और पीछे बैठने वाला व्यक्ति हेलमेट का उपयोग करे।जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने पहले ही निर्देश जारी कर कहा था कि सड़क सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ किया है कि जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उनका कहना है कि जब तक लोग खुद यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार नहीं होंगे, तब तक सड़क हादसों में कमी लाना मुश्किल है।अभियान के दौरान यह भी देखा गया कि कई वाहन चालक हेलमेट पहनने की बजाय पेट्रोल पंप पर बहाने बनाते दिखाई दिए, लेकिन अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी। वहीं, कई पंप संचालकों ने भी आश्वासन दिया कि वे बिना हेलमेट किसी को फ्यूल नहीं देंगे।जनपद में सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे इस अभियान की चर्चा अब पूरे क्षेत्र में होने लगी है। लोग मान रहे हैं कि यदि अभियान इसी तरह सख्ती से जारी रहा तो सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों में बड़ी कमी आ सकती है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे खुद सुरक्षित रहें और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।इस अभियान से यह स्पष्ट संदेश जा रहा है कि बिना हेलमेट कोई समझौता नहीं होगा। सड़क पर सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय है।

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