मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी प्रज्ञा सिंह की पहल से रेलवे स्टेशन स्थित रेन बसेरा एक बार फिर जरूरतमंदों के लिए सहारा बनने की ओर अग्रसर है। वर्षों से बंद पड़े रेन बसेरे के कमरों के ताले खुलवाकर उनकी साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। लंबे समय से उपेक्षित पड़े इन कमरों में गंदगी और अव्यवस्था का माहौल था, जिससे जरूरतमंद लोग वहां रुकने से कतराते थे। अब नगर पालिका की सक्रियता से रेन बसेरे का स्वरूप बदलता नजर आ रहा है।
ईओ प्रज्ञा सिंह ने बताया कि रेन बसेरे के इन कमरों में जल्द ही जरूरतमंदों के लिए भोजन तैयार करने हेतु रसोई की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही रेन बसेरे में ठहरने वाले लोगों को निशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप कोई भी जरूरतमंद भूखा न रहे। यह पहल विशेष रूप से उन लोगों के लिए राहत भरी साबित होगी, जो रात के समय रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में आश्रय लेते हैं।नगर पालिका द्वारा साफ-सफाई अभियान के तहत कमरों की पूरी तरह से धुलाई कराई जा रही है। जमे हुए कचरे को हटाया गया है और दुर्गंध को दूर करने के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं। इसके अलावा रेन बसेरे में मूलभूत सुविधाओं को भी दुरुस्त किया जा रहा है, जिससे यहां ठहरने वाले लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इस कदम की सराहना की है। उनका कहना है कि रेन बसेरा केवल एक इमारत नहीं, बल्कि बेसहारा और जरूरतमंद लोगों के लिए उम्मीद का स्थान होता है। यदि यहां भोजन और स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था हो जाती है, तो यह मानवीय सेवा का एक सशक्त उदाहरण बनेगा।
प्रज्ञा सिंह को एक कर्मठ और जमीनी स्तर पर काम करने वाली अधिकारी के रूप में जाना जाता है। सफाई व्यवस्था हो या नालों की सफाई, नगर पालिका से जुड़े हर कार्य की वह स्वयं निगरानी करती हैं। दिन हो या रात, वह फील्ड में रहकर कार्यों का निरीक्षण करती नजर आती हैं। इसी कारण नगर पालिका क्षेत्र में कई व्यवस्थाओं में सुधार देखने को मिल रहा है।रेन बसेरे को पुनः सक्रिय कर उसमें रसोई और निशुल्क भोजन की व्यवस्था करना नगर पालिका के सामाजिक दायित्व को दर्शाता है। आने वाले दिनों में इस व्यवस्था के शुरू होने से सैकड़ों जरूरतमंदों को राहत मिलने की उम्मीद है। नगर पालिका की यह पहल न केवल प्रशासनिक सक्रियता का उदाहरण है, बल्कि मानवीय संवेदना को भी मजबूती प्रदान करती है।















