मुजफ्फरनगर। जिले के लिए गौरव का क्षण रहा जब जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने आज जिला खेल कार्यालय मुजफ्फरनगर में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट और अर्जुन अवॉर्डी प्रीति पाल को सम्मानित किया। प्रीति पाल ने हाल ही में आयोजित पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 100 मीटर स्पर्धा में रजत पदक और 200 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया था। उनके इस शानदार प्रदर्शन से न केवल मुजफ्फरनगर का नाम रोशन हुआ है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए भी यह गर्व का विषय बना है।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने प्रीति पाल को प्रतीक चिन्ह भेंट कर एवं पटका पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रीति पाल जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हमारे समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जिन्होंने अपनी कठिनाइयों के बावजूद दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम से यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बल्कि यह अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्र गौरव की भावना को मजबूत करने का माध्यम भी है।
सम्मान समारोह के दौरान प्रीति पाल के परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे। उनके पिता अनिल कुमार, चाचा जी और भाई विवेक कुमार ने बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रीति की यह सफलता परिवार के साथ-साथ पूरे जिले के लिए प्रेरणा है। उन्होंने जिलाधिकारी और जिला खेल कार्यालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के सम्मान से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और वे भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं।
इस अवसर पर जिला खेल कार्यालय के उप क्रीड़ाअधिकारी भूपेंद्र सिंह यादव, अंशकालिक प्रशिक्षक एवं समस्त स्टाफ भी मौजूद रहा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों और खिलाड़ियों ने प्रीति पाल को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर हर्षप्रीत सहरावत की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया। उन्होंने प्रीति पाल की सफलता को महिला खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल बताया और कहा कि जब एक खिलाड़ी समाज के सामने अपनी मेहनत और प्रतिभा से अपनी पहचान बनाता है, तो वह कई नई प्रतिभाओं को जन्म देता है।
प्रीति पाल ने इस सम्मान को अपने कोचों, परिवार और जिला प्रशासन को समर्पित करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए आगे और बेहतर करने की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को स्वर्ण पदक दिलाना है।
मुजफ्फरनगर जिले में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की जा रही इस पहल को स्थानीय खेल प्रेमियों ने सराहा है। यह सम्मान समारोह न केवल एक खिलाड़ी की उपलब्धि का जश्न था, बल्कि जिले की उभरती हुई खेल संस्कृति का प्रतीक भी बन गया।















