मुजफ्फरनगर। थाना सिविल लाइन पुलिस ने वाहन चोरी की घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरजनपदीय गिरोह के दो शातिर चोरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की पांच मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य जिले में बढ़ रही वाहन चोरी की वारदातों पर रोक लगाना था। पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।जानकारी के अनुसार, थाना सिविल लाइन प्रभारी निरीक्षक की टीम ने हाल ही में हुई वाहन चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए विशेष जांच शुरू की थी। बीते दिनों 16 अगस्त को बीएसएनएल ऑफिस से एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और 18 अगस्त को चर्च मार्केट के पास से एक सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल चोरी होने की घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं से क्षेत्र में दहशत का माहौल था और लगातार लोगों की शिकायतें पुलिस के पास पहुंच रही थीं। इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने करीब 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने का काम शुरू किया। फुटेज की गहन जांच के बाद पुलिस टीम को चोरों की पहचान करने में सफलता मिली।जांच में यह साफ हुआ कि इन घटनाओं के पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जनपद में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देता रहा है। शुक्रवार रात पुलिस को सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य रेलवे प्लेटफॉर्म माल गोदाम रोड स्थित हैमह पंप के पास मौजूद हैं। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए थाना सिविल लाइन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर रात लगभग 8:50 बजे दोनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम अंश (18 वर्ष) पुत्र दिनेश कुमार, निवासी तल्हेड़ी चुंगी के पास, देवबंद, सहारनपुर और रितिक (19 वर्ष) पुत्र कुलदीप, निवासी वाल्मीकि मोहल्ला, कस्बा व थाना देवबंद, सहारनपुर बताया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों अभियुक्त पेशेवर वाहन चोर हैं और इनके खिलाफ थाना सिविल लाइन में पहले भी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। इनका आपराधिक इतिहास लंबा है और ये गिरोह बनाकर मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों को अंजाम देते रहे हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से बरामद पांच मोटरसाइकिलों में हाल ही में चोरी की गई गाड़ियां भी शामिल हैं। इनसे और भी खुलासे होने की संभावना है क्योंकि पुलिस को संदेह है कि गिरोह के अन्य सदस्य भी सक्रिय हैं और चोरी की कई अन्य घटनाओं में इनकी संलिप्तता रही है।गिरफ्तारी करने वाली टीम में उप–निरीक्षक प्रशांत गिरि और उप–निरीक्षक रेशमपाल सिंह सहित उनकी टीम के जवान शामिल रहे। पुलिस ने आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बड़ी कार्रवाई से न केवल हाल ही में हुई चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है बल्कि भविष्य में इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी। पुलिस की इस कामयाबी से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है और स्थानीय निवासियों ने पुलिस की सक्रियता की सराहना की है।















