मुजफ्फरनगर। जिले की पुलिस ने एक बार फिर अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात सट्टा किंग प्रदीप की करोड़ों की संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क कर दिया। यह कार्रवाई जिले के बुढ़ाना थाना क्षेत्र के विज्ञाना गांव में जिलाधिकारी के आदेश पर ढोल–नगाड़ों की मौजूदगी और मुनादी के साथ की गई। पुलिस प्रशासन ने मौके पर जनता को स्पष्ट कर दिया कि प्रदीप की संपत्ति अब पूरी तरह से जब्त हो चुकी है और इस पर किसी भी प्रकार का लेन–देन, बिक्री या किराए पर देने का अधिकार नहीं रहेगा।पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रदीप लंबे समय से सट्टे और जुए का धंधा संचालित कर रहा था और अपने पांच साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह चलाता था। इसी अवैध कारोबार से उसने लगभग 6 करोड़ 30 लाख रुपये की संपत्ति बनाई थी, जिसमें चार मकान, एक ओयो होटल और लगभग छह बीघा कृषि भूमि शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान इन सभी संपत्तियों को पुलिस ने कब्जे में लेकर मुनादी की कि यह कुर्की गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(ए) के तहत की गई है।एसएसपी मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा ने बताया कि प्रदीप पर 15 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें मुख्य रूप से जुआ और सट्टा से संबंधित मामले शामिल हैं। वह कई बार जेल जा चुका है और वर्तमान में जमानत पर बाहर है। पुलिस के अनुसार प्रदीप और उसका गिरोह इलाके में लंबे समय से सक्रिय था और इसने अपनी अवैध कमाई से आलीशान मकानों और होटल जैसी संपत्तियां खड़ी कर ली थीं। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल अपराधियों के हौसले पस्त होंगे बल्कि आम जनता में भी यह संदेश जाएगा कि अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति कभी सुरक्षित नहीं रह सकती।गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमा संख्या 238/25 में यह कार्रवाई अब तक जिले में हुई बड़ी कुर्कियों में से एक मानी जा रही है। इसमें पुलिस के साथ–साथ क्षेत्राधिकारी, एसडीएम और संबंधित थाने की पूरी टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने ढोल–नगाड़ों के साथ गांव में मुनादी कराते हुए यह ऐलान किया कि प्रदीप की संपत्ति अब सरकार के अधिकार में है।जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर के आदेशानुसार इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई भी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी संगठित अपराध और अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति पर इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्यवाही से अपराध जगत में खलबली मच गई है और यह कदम जिले में कानून–व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है।















