सिरोही जिले में स्थित राजकीय विद्यालयों की सुरक्षा और आधारभूत संरचना की स्थिति को लेकर पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने गंभीर रुख अपनाया है। उन्होंने जिला कलेक्टर को एक आधिकारिक पत्र भेजकर समस्त सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करवाने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि जिले के सभी विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण कर यह पता लगाया जाए कि कौन-कौन से स्कूल भवन असुरक्षित, क्षतिग्रस्त या पूरी तरह से जर्जर हालत में हैं।
मंत्री देवासी ने स्पष्ट किया है कि जिन स्कूल भवनों की स्थिति खराब है, उनकी सूची अलग से तैयार की जाए और उनके मरम्मत या पुनःनिर्माण के लिए आवश्यक प्रस्तावों को त्वरित रूप से तैयार कर कार्रवाई शुरू की जाए। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए हैं कि यह भी पता लगाया जाए कि क्या ऐसे भवनों का निर्माण किसी विभागीय योजना के तहत किया जा सकता है। यदि कोई उपयुक्त योजना उपलब्ध हो, तो उसकी जानकारी भी संबंधित प्रस्ताव के साथ साझा की जाए।
मंत्री ने यह भी कहा है कि यदि कोई विभागीय योजना इन जर्जर भवनों के निर्माण में उपयोगी नहीं है, तो ऐसी स्थिति में इनका निर्माण कार्य विधायक कोष या सांसद कोष से करवाने की संभावना भी टटोली जाए और उस बारे में भी जल्द से जल्द जानकारी दी जाए, ताकि आवश्यक निर्णय लिए जा सकें।
यह निर्देश ऐसे समय में आए हैं जब कई ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूल भवन बेहद जर्जर स्थिति में हैं और छात्रों व शिक्षकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बरसात के मौसम में इन भवनों की स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है। इसलिए मंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए और पूरी पारदर्शिता के साथ प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही की जाए।
राज्य सरकार का यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में सुरक्षा और गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि यह कार्य योजना के अनुसार आगे बढ़ता है तो सिरोही जिले के हजारों विद्यार्थियों को बेहतर एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।















