मुजफ्फरनगर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय पर पिछले कई दिनों से जारी धरना-प्रदर्शन के बीच देर रात उस समय हलचल तेज हो गई, जब प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल अचानक धरनास्थल पर पहुंच गए। मंत्री के पहुंचते ही मौके पर मौजूद शिक्षकों और प्रदर्शनकारियों में उत्सुकता बढ़ गई और प्रशासनिक हलकों में भी सक्रियता दिखाई देने लगी। बताया जा रहा है कि बीएसए कार्यालय पर विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षक एवं कर्मचारी धरने पर बैठे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा, जिससे उन्हें मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
देर रात मंत्री ने धरनास्थल पर पहुंचकर सीधे प्रदर्शनकारियों से संवाद किया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से विस्तार से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित बिंदुओं की जानकारी ली। इस दौरान कई शिक्षकों ने अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं। मंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों और कर्मचारियों की जायज मांगों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है तथा किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
मौके पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे और वार्ता की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले। मंत्री के हस्तक्षेप के बाद धरनास्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों में उम्मीद की किरण जगी है कि उनकी समस्याओं पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
देर रात तक चली बातचीत के बाद मंत्री वापस लौट गए, जबकि प्रदर्शनकारी आगामी कार्रवाई और प्रशासनिक निर्णय की प्रतीक्षा में डटे रहे। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और प्रशासन उनकी मांगों पर क्या कदम उठाते हैं और धरना कब तक जारी रहता है।















