अयोध्या के राजघाट पर आयोजित 108 कुंडीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के समापन के दौरान अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पंडाल समेत आसपास की व्यवस्थाएं इसकी चपेट में आ गईं। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
यह महायज्ञ स्वामी जीयर जी महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित हो रहा था, जबकि इसकी अध्यक्षता दयाशंकर सिंह कर रहे थे। 9 दिनों से चल रहे इस महायज्ञ की पूर्णाहुति के दौरान अचानक आग भड़क उठी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेज हवा के चलते हवन की चिंगारी पंडाल में गिर गई, जिससे आग तेजी से फैल गई और तीन अलग-अलग स्थानों पर लपटें उठने लगीं। घटना में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। वहीं 3-4 लोगों के झुलसने की संभावना भी बताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फंडे ने बताया कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और स्थिति नियंत्रण में है। वहीं एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के अनुसार पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया।
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, जबकि प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल से दूर रहें ताकि राहत एवं बचाव कार्य सुचारू रूप से चल सके।















