मंसूरपुर पुलिस ने रेलवे ट्रैक चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार,

मुजफ्फरनगर जनपद के थाना मंसूरपुर पुलिस ने रेलवे सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने एक शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में पुलिस ने रेलवे ट्रैक और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) से पेन्ड्रोल क्लिप चोरी करने वाले तीन शातिर चोरों और चोरी का माल खरीदने वाले एक कबाड़ी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में मोहित पुत्र पवन सैनी, रोहित पुत्र नंद किशोर, निशु पुत्र चंद्रपाल निवासीगण जड़ौदा थाना मंसूरपुर जिला मुजफ्फरनगर तथा चोरी का माल खरीदने वाला कबाड़ी प्रवीण उर्फ भूरा पुत्र जिले सिंह निवासी जनकपुरी मुजफ्फरनगर शामिल है।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया है, जिसमें 326 पेन्ड्रोल क्लिप, परिवहन में प्रयुक्त एक महिंद्रा ट्रैक्टर मय ट्राली, दो अवैध तमंचे 315 बोर, दो जिंदा कारतूस और एक अवैध चाकू शामिल हैं। बरामदगी की मात्रा और तरीका इस बात की ओर इशारा करता है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और संगठित तरीके से रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहा था।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। क्षेत्राधिकारी खतौली और थाना प्रभारी मंसूरपुर के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर एनएच-58 से बेगराजपुर जाने वाले मार्ग पर घेराबंदी कर चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान पुलिस ने चारों आरोपियों को चोरी के सामान सहित रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि पहले वे रेलवे ट्रैक और डीएफसी लाइन की रेकी करते थे और फिर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर पेन्ड्रोल क्लिप और मेटल लाइनर चोरी कर लेते थे। चोरी किए गए इस लोहे के सामान को वे कबाड़ी प्रवीण उर्फ भूरा को बेच देते थे, जो इसे गलाकर आगे बाजार में खपा देता था। इस तरह गिरोह रेलवे सुरक्षा को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा था और ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए खतरा बन गया था।आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने केवल मुजफ्फरनगर ही नहीं, बल्कि मेरठ जनपद के परतापुर, कंकरखेड़ा और जानी थाना क्षेत्रों में भी कई चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई से कुल छह पुराने मामलों का सफल खुलासा हुआ है, जिनमें थाना मंसूरपुर के दो, थाना परतापुर के दो, थाना जानी का एक और थाना कंकरखेड़ा का एक मुकदमा शामिल है।इस पूरे ऑपरेशन में प्रभारी निरीक्षक आनंद देव मिश्रा, उप निरीक्षक किशन सिंह, उप निरीक्षक भूपेश शर्मा, एसओजी टीम के मोहित कुमार तथा डीएफसी सुरक्षा टीम के निरीक्षक नितिन मेहरा और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा को लेकर आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।

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