मुजफ्फरनगर जनपद के फुगाना क्षेत्र में प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। फुगाना क्षेत्राधिकारी नीरज कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद अब इस क्षेत्र की जिम्मेदारी जानसठ क्षेत्राधिकारी यतेंद्र नागर को सौंपी गई है। नीरज कुमार के रिटायरमेंट के साथ ही फुगाना सर्किल में लंबे समय से चला आ रहा उनका कार्यकाल समाप्त हो गया, जिसे पुलिस विभाग और स्थानीय लोगों के बीच एक अनुशासित व प्रभावी कार्यशैली के लिए याद किया जाएगा।नीरज कुमार ने अपने कार्यकाल के दौरान कानून–व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और आमजन की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी। फुगाना क्षेत्र में उन्होंने कई संवेदनशील मामलों को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाया और पुलिस–जन सहयोग को मजबूत किया। सेवानिवृत्ति के अवसर पर पुलिसकर्मियों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने उनके योगदान की सराहना की और उन्हें भावभीनी विदाई दी।वहीं, जानसठ क्षेत्राधिकारी के रूप में कार्यरत रहे यतेंद्र नागर को अब फुगाना क्षेत्र की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। यतेंद्र नागर को एक सख्त लेकिन जनसरोकारों के प्रति संवेदनशील अधिकारी के रूप में जाना जाता है। जानसठ क्षेत्र में उनके कार्यकाल के दौरान अपराध नियंत्रण,
अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई और पुलिसिंग के आधुनिक तरीकों को लागू करने की पहल की गई। उनकी कार्यशैली के कारण पुलिस महकमे के साथ–साथ आम जनता में भी उनके प्रति विश्वास बना।फुगाना क्षेत्र में यतेंद्र नागर के पदभार संभालने से पुलिस प्रशासन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। क्षेत्र में कानून–व्यवस्था, महिला सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और ग्रामीण इलाकों में पुलिस की सक्रियता को और मजबूत किए जाने की संभावना है। स्थानीय लोगों का मानना है कि उनके अनुभव का लाभ फुगाना क्षेत्र को मिलेगा और प्रशासनिक कार्यों में और अधिक तेजी आएगी।पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किया गया है, ताकि क्षेत्र में कानून–व्यवस्था की निरंतरता बनी रहे। नए क्षेत्राधिकारी के सामने अपराध पर नियंत्रण के साथ–साथ जनता से संवाद बढ़ाने की भी बड़ी चुनौती होगी। फुगाना क्षेत्र पहले भी कई बार संवेदनशील मुद्दों के कारण चर्चा में रहा है, ऐसे में यतेंद्र नागर की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।कुल मिलाकर, नीरज कुमार की सेवानिवृत्ति के बाद फुगाना क्षेत्र को नया नेतृत्व मिला है। अब सभी की निगाहें यतेंद्र नागर के कार्यकाल पर टिकी हैं, जिनसे क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और भरोसे की मजबूत व्यवस्था कायम रखने की अपेक्षा की जा रही है।















