मुजफ्फरनगर। जनपद के कस्बा सिसौली में भारतीय किसान यूनियन की मासिक पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने की, जबकि राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों को संबोधित किया। पंचायत में सैकड़ों की तादाद में किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पंचायत का माहौल पूरी तरह से किसान मुद्दों और उनके समाधान की दिशा में गंभीरता से केंद्रित रहा।पंचायत की शुरुआत किसानों की हाजिरी और संगठन की एकजुटता के आह्वान से हुई। इस दौरान राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की आवाज़ को सरकार तक पहुंचाना और उनके हक के लिए लड़ाई लड़ना संगठन का मूल उद्देश्य है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि किसी भी कीमत पर उनके हक़ से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने हाल के दिनों में किसानों के सामने आ रही समस्याओं, जैसे गन्ना भुगतान में देरी, बिजली दरों में वृद्धि, और फसल लागत के मुकाबले न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने भी पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि किसान आज भी कई स्तरों पर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार को किसानों की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने साफ कहा कि अगर किसान संगठित हैं तो कोई भी ताकत उनकी आवाज को दबा नहीं सकती। नरेश टिकैत ने पंचायत में मौजूद कार्यकर्ताओं और किसानों को संगठित रहने और अपनी ताकत का अहसास कराते रहने की अपील की।पंचायत में कई वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए स्थानीय स्तर पर किसानों की परेशानियों को उजागर किया। गन्ना किसानों ने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि भुगतान समय पर न मिलने से वे कर्ज और आर्थिक संकट में फंस रहे हैं। पशुपालन से जुड़े किसानों ने चारे और पशु दवाइयों के बढ़ते दामों का मुद्दा उठाया। वहीं, कई कार्यकर्ताओं ने मंडियों में अव्यवस्था और फसल बिक्री में किसानों को हो रही दिक्कतों की बात भी रखी।
पंचायत में मौजूद किसानों ने एकजुट होकर तय किया कि अगर सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। वक्ताओं ने यह भी कहा कि किसान सिर्फ अपनी फसल और मेहनत के बल पर देश का पेट भरते हैं, इसलिए उनके साथ न्याय होना जरूरी है। राकेश टिकैत ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन हमेशा किसानों की समस्याओं को लेकर आगे खड़ी रहेगी और किसी भी परिस्थिति में किसानों की आवाज़ को दबने नहीं देगी।सिसौली की यह पंचायत किसानों की ताकत और एकजुटता का प्रमाण रही। बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि वे अपने मुद्दों को लेकर सजग हैं और समाधान तक चैन से बैठने वाले नहीं। पंचायत का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि संगठन किसान हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।















