भोकरहेड़ी (मोरना)। खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भोपा थाना क्षेत्र के कस्बा भोकरहेड़ी में कई जगह छापेमारी की। यह कार्रवाई खाद्य विभाग की टीम द्वारा की गई, जिसमें मोहल्ला लोकुपुरा दक्षिणी सहित अनेक स्थानों पर संदिग्ध दुकानों की तलाशी ली गई। इस दौरान दिलशाद, मेहरबान और इरफान नामक दुकानदारों के प्रतिष्ठानों से दूध और मावे के नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में हड़कंप मच गया और कई दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर लिए। जांच टीम में असिस्टेंट कमिश्नर फूड अर्चना धीरान, डी. फूड सेफ्टी ऑफिसर शिवकुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार, मनोज कुमार, कुलदीप सिंह और विशाल चौधरी शामिल रहे। अधिकारियों ने दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे साफ-सफाई और खाद्य गुणवत्ता के निर्धारित मानकों का पालन करें, अन्यथा उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।अर्चना धीरान ने कहा कि फिलहाल लिए गए नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और रिपोर्ट में दोष साबित होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि मिलावट को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भोकरहेड़ी क्षेत्र में लंबे समय से केमिकल की मदद से नकली दूध और मावा तैयार करने का कार्य चल रहा था। बताया गया कि यह केमिकल चोरी-छिपे जिला मुख्यालय से तस्करी कर लाया जाता है, और इसका उपयोग मिलावटी उत्पाद बनाने में होता है। इतना ही नहीं, इस अवैध धंधे को कुछ प्रभावशाली माफियाओं का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते अब तक यह काला कारोबार बेरोकटोक जारी था।जैसे ही प्रशासन को इस संगठित नेटवर्क की भनक लगी, तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई गई और एक विशेष टीम गठित की गई। बुधवार को की गई छापेमारी इसी अभियान का हिस्सा थी। खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से न केवल दुकानदारों में हड़कंप है, बल्कि आम जनता में भी जागरूकता का संदेश गया है। स्थानीय नागरिकों ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए मांग की कि ऐसे औचक निरीक्षण नियमित रूप से होने चाहिए, ताकि मिलावटखोरी पर अंकुश लगाया जा सके।प्रशासन अब इस नेटवर्क के पीछे छिपे लोगों तक पहुंचने की कोशिश में जुट गया है। यदि जांच में माफियाओं की संलिप्तता सामने आती है, तो इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश होने की संभावना है। फिलहाल, विभाग नमूनों की रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है और इसके बाद ही अगली कार्रवाई की दिशा तय होगी।















