बागपत। जिला विद्यालय निरीक्षक पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाए गए हैं। इसमें डीएम के पास शिकायत हुई तो उनके निर्देश पर सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव ने मनरेगा उपायुक्त व बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी से जांच शुरू करा दी।दोनों को 15 दिन में जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
सरूरपुर के रहने वाले नव्या फाउंडेशन के अध्यक्ष दीपक कुमार ने जिला विद्यालय निरीक्षक पर अशासकीय विद्यालयों में प्रबंध समिति के चुनाव में नियमों का पालन न करने, कर्मचारियों के जीपीएफ का भुगतान न करने, पेंशन व अन्य देयकों का भुगतान न करने, मृतक आश्रित कोटे में कर्मचारियों की नियुक्ति न करने, अशासकीय विद्यालयों में ज्येष्ठता सूची को दरकिनार कर कार्यभार ग्रहण कराने, कार्यालय में अवैध रूप से कर्मचारियों को संबद्ध करने और कर्मचारियों का पुलिस भर्ती परीक्षा के मानदेय का भुगतान न करने का आरोप लगाया था। इनमें भ्रष्टाचार के
आरोप लगाए गए थे।
इस मामले में डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को शिकायत देकर जांच कराकर कार्रवाई की मांग की थी। डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने उपायुक्त मनरेगा और बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी को पंद्रह दिन में जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान भी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार सक्सेना जिले से बाहर होने के कारण जब इस बारे में बातचीत करने का प्रयास किया तो उन्होंने व्यस्त होने का मैसेज भेजकर कुछ देर में बात करने के लिए कहा गया। उनको मैसेज भेजकर भी पक्ष मांगा गया, मगर उनकी तरफ से कुछ नहीं कहा गया।
भाजपा नेता ने भी लगाए आरोप तो सीडीओ ने शपथ पत्र नहीं
होने की बात कही भाजपा के शिक्षक प्रकोष्ठ के सदस्य राजगुरू तोमर ने भी जिला विद्यालय निरीक्षक पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। मगर सीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव ने उनको वापस पत्र भेज दिया कि उनकी शिकायत के साथ शपथ पत्र नहीं है। वह शिकायती पत्र उन्होंने ही दिया है, इसकी भी पुष्टि नहीं हो रही है। इसलिए जांच करने से मना कर दिया गया। इस मामले में राजगुरू तोमर का कहना है कि मैंने अपना शपथ पत्र भी दिया था और साक्ष्य भी शिकायत के साथ दिए थे। इसके बाद भी जांच नहीं कराने की बात कहकर पत्र भेज दिया गया। यह पूरी तरह से गलत है।















