मुजफ्फरनगर में एसएसपी ने सुनी कर्मचारियों की समस्याएं, मेधावी छात्रों को दी छात्रवृत्ति, मोबाइल फॉरेंसिक वैन का किया निरीक्षण

मुजफ्फरनगर के रिजर्व पुलिस लाइन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों का अर्दली रूम लिया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों की व्यक्तिगत एवं शासकीय समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित शाखा प्रभारियों को आवश्यक दिशानिर्देश प्रदान किए। अर्दली रूम के उपरांत एसएसपी ने पुलिस लाइन स्थित विभिन्न शाखाओं के अभिलेखों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव, समय से अद्यतन किए जाने और सुव्यवस्थित संधारण पर विशेष जोर दिया तथा इस कार्य के लिए जिम्मेदार कार्मिकों को आवश्यक निर्देश दिए।इस अवसर पर एसएसपी ने सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक पहल की। उन्होंने जनपद में नियुक्त उर्दू अनुवादक औसाफ अंसारी के सुपुत्र आलम अंसारी, जो MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं, और उपनिरीक्षक भारत भूषण की पुत्री अंजली सिंह, जो BAMS की पढ़ाई कर रही हैं, को कल्याण शिक्षा निधि के अंतर्गत मेधावी छात्रवृत्ति की धनराशि के रूप में 20-20 हजार रुपये के चेक प्रदान किए। एसएसपी ने दोनों मेधावी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जनपद को हाल ही में प्राप्त मोबाइल फॉरेंसिक वैन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वैन में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों और तकनीकी संसाधनों का बारीकी से अवलोकन किया तथा अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को इसके संचालन संबंधी दिशानिर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि इस मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से जनपद स्तर पर आपराधिक घटनाओं की वैज्ञानिक जांच तेजी और पारदर्शिता के साथ की जा सकेगी। इससे अपराधों के अनावरण में गति आएगी और पुलिस की कार्यप्रणाली में और अधिक पारदर्शिता स्थापित होगी।एसएसपी ने स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग पुलिस के कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा। अपराधों की जांच में जहां समय की बचत होगी, वहीं साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच से अपराधियों तक शीघ्रता से पहुंचा जा सकेगा। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन का उपयोग अधिक से अधिक मामलों में किया जाए ताकि इसकी वास्तविक उपयोगिता सामने सके।इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ, सहायक पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के मिश्रा, क्षेत्राधिकारी प्रशिक्षु मनोज कुमार, प्रतिसार निरीक्षक ऊदल सिंह सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की इस पहल को पुलिस बल के मनोबल को ऊंचा उठाने और जनपद की कानून व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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