मुजफ्फरनगर जिले में लगातार हो रही बारिश और जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी ने को सोलानी नदी के बढ़ते जलस्तर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार सदर, राजस्व विभाग की टीम, ग्राम प्रधान बढीवाला, पूर्व ग्राम प्रधान जोगेन्द्र सिंह, ग्राम रज्जाकल्लापुर के प्रधान, स्थानीय अध्यापक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।निरीक्षण का उद्देश्य नदी के जलस्तर पर निगरानी बनाए रखना और संभावित बाढ़ की स्थिति में ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। नदी के आसपास के इलाकों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निचले हिस्सों में रहने वाले ग्रामीणों को खतरा हो सकता है। इस खतरे को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नदी के किनारे बने बांधों की स्थिति, जल निकासी की व्यवस्था और आपदा प्रबंधन से जुड़े अन्य पहलुओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रहें। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के दिशा–निर्देशों का पालन करें। उन्होंने विशेष रूप से चेताया कि यदि जलस्तर और अधिक बढ़ता है तो निचले इलाकों के लोगों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई तुरंत शुरू की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने भी अपनी चिंताओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। उनका कहना था कि पिछले वर्षों में भी नदी के जलस्तर ने कई बार संकट पैदा किया है, इसलिए समय रहते पुख्ता इंतजाम आवश्यक हैं। इस पर प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।इसके अतिरिक्त उपजिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों से संवाद करते हुए गांव स्तर पर आपदा प्रबंधन समिति को सक्रिय करने और ग्रामीणों को आपात स्थिति से निपटने के लिए जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर ली जाए और राहत शिविरों के लिए स्थान चिन्हित किए जाएं।पूरे निरीक्षण के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सकारात्मक संवाद बना रहा। ग्राम प्रधानों और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन को सहयोग देने का भरोसा दिलाया।मुजफ्फरनगर प्रशासन की यह तत्परता और सक्रियता आने वाले समय में संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने में अहम भूमिका निभा सकती है। सोलानी नदी के जलस्तर को लेकर अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अगले कुछ दिनों में बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।















