मुर्शिदाबाद में यूनुस का शागिर्द धीरे-धीरे स्थानीय मुस्लिम समुदाय के बीच प्रभाव बढ़ाते हुए खुद को उनका रहनुमा (नेता) साबित करने की कोशिश कर रहा था। वह धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर लोगों को एकजुट कर, अपनी विचारधारा का प्रचार कर रहा था। इस पर भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि वह अपने देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की कोशिश न करे और पहले अपने देश की हालत देखे। केंद्र सरकार का यह बयान उस वक्त आया जब शागिर्द की गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियों की नजरें टिकी थीं और उसे बाहरी प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा था।















