सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी: मुजफ्फरनगर की द्वारका सिटी कॉलोनी में जारी है अवैध निर्माण

मुजफ्फरनगर की बहुचर्चित द्वारका सिटी कॉलोनी में सरकारी जमीन पर कब्जा और अवैध निर्माण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। दक्षिणी सिविल लाइन निवासी गुंजन गुप्ता की 3280 वर्ग मीटर जमीन भी इस कॉलोनी में शामिल कर ली गई, जिस पर उन्होंने निर्माण की अनुमति मांगी तो विकास प्राधिकरण ने मना कर दिया। उन्होंने जब इस मुद्दे को लेकर शिकायतें कीं, तो जांच में सामने आया कि कॉलोनी के निर्माण में 11380 वर्ग मीटर सरकारी चकरोड नाली की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के बाद एडीएम ने कॉलोनी के मालिक अजय बंसल को नोटिस जारी किया।बिल्डर ने जवाब देने की बजाय मेरठ मंडल आयुक्त से संरक्षण लिया, जिन्होंने जांच रिपोर्ट शासनादेश को दरकिनार कर 9 जुलाई 2024 को प्रस्तावित भूमि को स्वीकार करते हुए राजस्व अभिलेख में दर्ज करने का आदेश दिया। शिकायतकर्ता गुंजन गुप्ता ने यह आदेश सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जहां 27 मई 2025 को अदालत ने अगली सुनवाई तक निर्माण कार्य पर रोक लगा दी।हालांकि आदेश के 15 दिन बाद भी निर्माण कार्य जारी है। गुंजन गुप्ता ने विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष, सचिव, नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप और अन्य अधिकारियों को वीडियो साक्ष्य सौंपे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि मीनाक्षी स्वरूप और उनके पति गौरव स्वरूप खुद सरकारी चकरोड की जमीन पर कोठी बनवा रहे हैं।अब गुंजन ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका की तैयारी की है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं, लेकिन निर्माण अभी भी जारी है। गुंजन का आरोप है कि बिना एनओसी और जमीन के मालिकाना हक के भी प्राधिकरण ने नक़्शे पास किए। इस मामले में अब कई अफसरों की भूमिका भी जांच के घेरे में है।

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