महाराष्ट्र में आतंकी गतिविधियों में मदद करने के मामले में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा हुआ है। एटीएस (एंटी-टेररिज्म स्क्वाड) ने एक बड़ी करवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो पिछले डेढ़ साल से अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चला रहा था।
एटीएस को 31 जुलाई को सूचना मिली थी कि नालासोपारा और भिवंडी में अवैध सिम कार्ड्स के माध्यम से टेलीफोन एक्सचेंज चलाया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर एटीएस ने दूरसंचार विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में छापा मारा और वहां से सिम बॉक्स, सिम कार्ड, वाईफाई राउटर, एंटीना और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए। इन उपकरणों और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।
इस मामले में एटीएस की करवाई महत्वपूर्ण है क्योंकि अवैध टेलीफोन एक्सचेंज आतंकवादी गतिविधियों को संचालित करने और उनकी योजनाओं को अंजाम देने में मददगार साबित हो सकते हैं। जांच अभी जारी है और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
10 सिम बॉक्स, 265 सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद
इस छापेमारी में एटीएस (Anti-Terrorism Squad) को डिक्सन कंपनी के 10 सिम बॉक्स, विभिन्न कंपनियों के 265 सिम कार्ड, विभिन्न कंपनियों के 2 वाईफाई राउटर, सिम कार्ड चलाने के लिए उपयोग किए जाने वाले 119 एंटीना, सिमस्लॉट कम कनेक्टर रखने के लिए उपयोग की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिलीं.
सरकार को करीब तीन करोड़ रुपये का नुकसान हुआ
दूरसंचार विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस इल्लीगल टेलीफोन एक्सचेंज की वजह से सरकार को करीब तीन करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. इस कार्रवाई में जाफर बाबूसमन पटेल (40 साल)को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. पूछताछ के दौरान उसने कबूल किया कि वो और उसके साथी पैसे कमाने के उद्देश्य से अवैध तरीके से सिम कार्ड्स का उपयोग करके इल्लीगल टेलीफोन एक्सचेंज चला रहे थे.
एटीएस ने FIR दर्ज कर आरोपी बाबूसमन को गिरफ्तार किया
इस मामले में एटीएस ने उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है और आरोपी जाफर बाबूसमन पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस कार्रवाई से मुंबई में आतंकवादी गतिविधियों में मदद करने वाले अवैध एक्सचेंज को ध्वस्त करके सरकार के टेलिकम्युनिकेशन विभाग को होने वाले आर्थिक नुकसान को रोका गया है.















