हाईप्रोफाइल नकली उर्वरक फैक्ट्री का भंडाफोड़, चार आरोपी जमानत पर रिहा, एक की अर्जी खारिज

मुजफ्फरनगर जनपद में नकली उर्वरक निर्माण और बिक्री के एक बड़े मामले का खुलासा 12 जुलाई 2025 को तब हुआ जब जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया के नेतृत्व में कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने नई मंडी थाना क्षेत्र के गांव सिलाजुड़ी के पास एक फैक्ट्री पर छापा मारा। यह फैक्ट्रीएग्रो निक इंडस्ट्रीजके नाम से संचालित हो रही थी, जहां नामी उर्वरक कंपनियों की पैकिंग में नकली खाद भरकर बाजार में बेचा जा रहा था। मौके पर पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया, जिनके नाम रमेश पाल (निवासी बचन सिंह कॉलोनी), आसिफ, आरिस, सलीम (तीनों निवासी शेरनगर) और रियासत (निवासी नसीरपुर) हैं।छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में ब्रांडेड कंपनियों के उर्वरक बैग, खाली पैकिंग बैग, पैकिंग मशीनें और अन्य उपकरण बरामद किए गए। पूछताछ में सामने आया कि इस फैक्ट्री का संचालन हापुड़ निवासी पीयूष बंसल द्वारा किया जा रहा था, जो मौके से फरार हो गया। कृषि अधिकारी की शिकायत पर पीयूष बंसल सहित कुल छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।मामले की सुनवाई जिला न्यायालय में चली, जहां चार आरोपियोंआसिफ, आरिस, सलीम और रियासत को अपर सत्र न्यायाधीश कनिष्क कुमार सिंह की अदालत से जमानत मिल गई। वहीं, आरोपी रमेश पाल की जमानत याचिका अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में खारिज कर दी गई। न्यायालय ने उसे मामले में गंभीर भूमिका के कारण राहत देने से इनकार कर दिया।यह मामला केवल खाद्य सुरक्षा बल्कि किसानों की आजीविका से भी जुड़ा है। नकली उर्वरक की आपूर्ति से फसल को भारी नुकसान हो सकता है और इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है। प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से जहां किसानों में भरोसा जगा है, वहीं अब फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग भी जोर पकड़ रही है।

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