सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे से पहले सहारनपुर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (पंजी.) ने एक ज्ञापन जारी कर उन्हें सहारनपुर के व्यापारियों और नागरिकों की प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया है। ज्ञापन में नगर निगम, स्वास्थ्य, परिवहन और स्मार्ट सिटी योजनाओं से जुड़ी कई मांगें प्रमुखता से रखी गई हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि नगर निगम द्वारा कराए गए जीआई सर्वे में भारी खामियां हैं, जिसके चलते टैक्स 10 गुना तक बढ़ गया है। व्यापारियों ने मांग की है कि यह सर्वे तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और भविष्य में पारदर्शिता के साथ दोबारा कराया जाए।
28 जून को नगर निगम प्रवर्तन दल द्वारा एक प्रतिष्ठित व्यापारी से की गई मारपीट की घटना का भी उल्लेख करते हुए कहा गया कि एक माह से अधिक समय बीतने के बावजूद जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए व्यापार मंडल ने मेडिकल कॉलेज में एमआरआई, नवजात नर्सरी और आधुनिक जांच सुविधाओं के अभाव को गंभीर बताया है। मंडल ने कहा कि नागरिकों को आपात स्थिति में देहरादून व चंडीगढ़ जाना पड़ता है।
ज्ञापन में सहारनपुर में पूर्ण बस अड्डा न होने और दिल्ली रोड स्थित अस्थायी बस अड्डे की दुर्दशा को लेकर भी चिंता जताई गई है। साथ ही अम्बाला रोड और रेलवे रोड पर बसों के खड़े रहने से व्यापारियों के व्यवसाय प्रभावित होने की बात कही गई है।
स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत अधूरी सड़क निर्माण योजना पर नाराजगी जताते हुए कहा गया कि नौ माह में सिर्फ 20% कार्य हुआ और अब ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। मंडल ने आग्रह किया कि इस योजना में तेजी लाई जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए।
अंत में व्यापार मंडल ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वे सहारनपुर प्रवास के दौरान 5-5 मिनट मेडिकल कॉलेज, दिल्ली रोड बस अड्डे और हकीकत नगर की सड़कों का निरीक्षण अवश्य करें, ताकि उन्हें ज़मीनी सच्चाई का आभास हो सके।















