मुज़फ्फरनगर में स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा अपंजीकृत क्लिनिकों व अस्पतालों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के दिशा-निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के आदेशों का पालन करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ब्लॉक शाहपुर क्षेत्र में स्थित कई स्थलों का निरीक्षण किया। इसी क्रम में नगर पंचायत पुरबलियांन के अंतर्गत एक अपंजीकृत क्लिनिक/नर्सिंग होम पर टीम ने जांच की, जिसमें गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं।
जांच के दौरान टीम को क्लिनिक संचालकों की ओर से न तो किसी वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र का प्रस्तुत किया गया और न ही किसी प्रकार का शैक्षिक व तकनीकी योग्यता संबंधी अभिलेख उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा मौके पर मौजूद स्टाफ किसी भी प्रश्न का संतोषजनक उत्तर देने में असमर्थ रहा। अस्पताल या क्लिनिक संचालन के लिए आवश्यक दस्तावेज और पात्रता न होने के कारण यह संदेह और मजबूत हुआ कि बिना अनुमति और बिना योग्य चिकित्सा सुविधाओं के मरीजों का उपचार किया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसे गंभीर लापरवाही व मरीजों की सुरक्षा के साथ समझौता करार दिया।
निरीक्षण का नेतृत्व ब्लॉक चिकित्सा अधीक्षक शाहपुर, डॉ. ओम प्रकाश जायसवाल ने किया। उनके साथ संबंधित टीम के सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने नियमों व मानकों के आधार पर पूरे परिसर का निरीक्षण किया। टीम ने पाया कि क्लिनिक में न तो आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था थी और न ही उपकरणों की कोई प्रमाणित सूची उपलब्ध थी। इतना ही नहीं, आपातकालीन सेवाओं के संचालन के लिए जरूरी मशीनें, दवाइयों की सूची व स्वच्छता मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए टीम ने तत्काल प्रभाव से क्लिनिक को सील करने का निर्णय लिया।
सीलिंग की प्रक्रिया पूरी करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने क्लिनिक संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार नोटिस जारी किया है। नोटिस में साफ निर्देश दिए गए हैं कि संचालक आवश्यक अभिलेख निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करें, अन्यथा उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी हालत में बिना पंजीकरण और बिना योग्य चिकित्सकीय स्टाफ के क्लिनिक या नर्सिंग होम का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। इस प्रकार की गतिविधियां न केवल अवैध हैं बल्कि मरीजों के जीवन के लिए भी खतरनाक साबित होती हैं।
अभियान के तहत विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि उपचार के लिए किसी भी क्लिनिक या अस्पताल में जाने से पहले उसके पंजीकरण, चिकित्सा योग्यता और सुविधाओं की जानकारी अवश्य लें। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में जिले के सभी ब्लॉकों में ऐसे और भी निरीक्षण किए जाएंगे, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता व विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।















