मुज़फ्फरनगर प्रशासन ने जनपद में शासकीय अधिवक्ताओं (फौजदारी/दीवानी) के रिक्त पदों पर पैनल गठन की प्रक्रिया को एक बार फिर से शुरू कर दिया है। अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार सिंह ने बताया कि संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन न्याय अनुभाग-3 (नियुक्तियाँ) लखनऊ द्वारा दिनांक 11 सितंबर 2025 को जारी पत्र के अनुपालन में यह प्रक्रिया चल रही है। विधि परामर्शी निदेशिका के प्रस्तर 7.03 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार, जनपद में उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर योग्य अधिवक्ताओं का पैनल तैयार कर शासन को भेजा जाना आवश्यक है ताकि समय से नियुक्तियां सुनिश्चित की जा सकें।
उन्होंने बताया कि इसी क्रम में पूर्व में 18 सितंबर 2025 को एक विज्ञप्ति जारी की गई थी, जिसके आधार पर अधिवक्ताओं से आवेदन मांगे गए थे, लेकिन उस अवधि में प्राप्त हुए अधिकांश आवेदन पत्र निर्धारित मानकों के अनुरूप परिपूर्ण नहीं पाए गए। अधूरा और मानक विहीन आवेदन अधिक होने के कारण प्रशासन ने पूर्व विज्ञप्ति को निरस्त करने का निर्णय लिया। इसके बाद जिला मजिस्ट्रेट द्वारा 04 दिसंबर 2025 को अनुमोदन मिलने के बाद पुनः एक नई विज्ञप्ति जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके तहत अब अधिवक्ताओं से नए आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि अधिवक्ताओं को निर्धारित प्रारूप में आवेदन भरकर प्रस्तुत करना होगा। इसके लिए कलेक्ट्रेट मुज़फ्फरनगर स्थित वाद सहायक पटल पर आवेदन पत्र जमा करने की व्यवस्था की गई है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 27 दिसंबर 2025 सायं 5 बजे तक निर्धारित की गई है, जबकि आवेदन स्वीकार करने की प्रक्रिया 09 दिसंबर 2025 से प्रारंभ हो जाएगी। इस अवधि में किसी भी कार्य दिवस पर अधिवक्ता अपने दस्तावेज़ व पूर्ण आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
प्रशासन का कहना है कि शासकीय अधिवक्ताओं के पद न्यायिक कार्यवाही की सुचारू प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कई वादों में समय पर पैरवी और विधिक प्रक्रिया को गति देने के लिए सक्षम व अनुभवी अधिवक्ताओं की आवश्यकता रहती है। इसलिए योग्य अभ्यर्थियों को पुनः अवसर देते हुए पारदर्शी तरीके से पैनल तैयार करने की कार्रवाई की जा रही है। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि आवेदन की जांच प्रक्रिया इस बार और अधिक कठोरता तथा स्पष्टता के साथ की जाए, ताकि केवल वही अधिवक्ता चयनित हों जिनके दस्तावेज़, अनुभव और पात्रता मानकों के अनुरूप हों।
प्रशासन ने जनपद के अधिवक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे आवेदन भरते समय सभी आवश्यक अभिलेखों को पूर्ण रूप से संलग्न करें, ताकि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की कमी न पाए जाए। आवेदन के साथ अनुभव प्रमाणपत्र, नामांकन का विवरण, अधिवक्ता संघ की सदस्यता संबंधित जानकारी और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ अनिवार्य रूप से संलग्न करने होंगे। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम तिथि के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नई विज्ञप्ति जारी होने के साथ ही जनपद में शासकीय अधिवक्ताओं के पैनल गठन की प्रक्रिया फिर से गति पकड़ चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि इस बार पर्याप्त संख्या में योग्य अधिवक्ताओं के परिपूर्ण आवेदन प्राप्त होंगे, जिससे जनपद में न्यायिक कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सकेगा। प्रशासन ने इस पूरे चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमबद्ध तरीके से संपादित करने का आश्वासन भी दिया है।















