मुजफ्फरनगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग, कपिल देव अग्रवाल ने गायत्री मंत्र का जाप कर मुजफ्फरनगर स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में मीटिंग हॉल, पार्किंग और गेस्ट हाउस निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस अवसर पर सहारनपुर मंडलायुक्त अटल कुमार राय, जिलाधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, मुख्य विकास अधिकारी उमेश मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्याल, आईएमसी चेयरमैन राजेश जैन सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, उद्यमी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष लघु उद्योग भारती अंकित गोयल, अध्यक्ष लघु उद्योग भारती लक्ष्मीनगर जगमोहन गोयल, आईआईए चेयरमैन अमित जैन, पूर्व चेयरमैन पवन गोयल, सुरेंद्र अग्रवाल और कुशपुरी, भट्टा व्यापारी एसोसिएशन अध्यक्ष अजय सागर, मंडल अध्यक्ष प्रवीन खेडा, दीपक मित्तल, अमित शास्त्री, नंद किशोर, पीयूष मूलचंद स्वीट्स, संजय गर्ग समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए। शिलान्यास कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक बीरेन्द्र बहादुर सिंह, प्रधानाचार्य अंकित सिंघल, प्रधानाचार्य अशोक कुमार तथा जनपद के अन्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
मंच से विचार रखते हुए कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुजफ्फरनगर आईटीआई पूरे प्रदेश में पहला ऐसा संस्थान होगा, जहां मीटिंग हॉल, पार्किंग और गेस्ट हाउस का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसी कैंपस में 11 मार्च 2025 को भगवान विश्वकर्मा आधुनिक कार्यशाला का लोकार्पण किया गया था, जिसमें अत्याधुनिक मशीनें और उपकरण स्थापित किए गए हैं। यह कार्यशाला प्रदेश की किसी अन्य आईटीआई में नहीं है। आधुनिक कार्यशाला का उद्देश्य उद्योगों की मांग के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित करना, उन्हें तकनीकी दक्षता प्रदान करना और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही उद्योगों के उत्पाद की गुणवत्ता और मात्रा बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
वर्तमान में आईटीआई परिसर में 11 थ्योरी कक्ष, 5 अतिरिक्त कक्ष, 2 कार्यशालाएं, पुस्तकालय और मीटिंग हॉल का निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड, सहारनपुर इकाई द्वारा किया जा रहा है, जिसका लोकार्पण शीघ्र ही किया जाएगा।
कार्यक्रम में बताया गया कि शासन ने मुजफ्फरनगर को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CIIIT) के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रचलित उद्योगों और तकनीकी-व्यावसायिक संस्थानों के समन्वय से युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार दिलाने और कौशल वृद्धि के उद्देश्य से इस योजना पर तेजी से कार्य हो रहा है। इसका शिलान्यास भी शीघ्र किया जाएगा।
अंत में नोडल प्रधानाचार्य मुकेश प्रताप सिंह ने शिलान्यास समारोह में शामिल सभी अतिथियों और पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
















