मुजफ्फरनगर में 19 मार्च 2025 को फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया (FOGSI) ने मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रोजेक्ट ‘अधुना’ लॉन्च किया। यह पहल उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और ओडिशा के 29 जिलों में निजी स्वास्थ्य सुविधाओं में प्रसव देखभाल को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।
इस प्रोजेक्ट के तहत FOGSI ने चिकित्सकों, नर्सों और पैरामेडिक्स स्टाफ के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए सीपीडी (Continuing Professional Development) सत्रों की शुरुआत की है। ये सत्र मातृ और नवजात शिशु देखभाल में नवीनतम नवाचारों, साक्ष्य-आधारित उपायों और चिकित्सा कौशल को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
FOGSI के इमीडिएट पास्ट प्रेजिडेंट और अधुना के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉक्टर जयदीप टांक ने कहा कि यह पहल उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं को समान रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुजफ्फरनगर को इस प्रोजेक्ट के तहत शामिल 29 जिलों में से एक के रूप में चुना गया है, जहां 19 मार्च को पहला सीपीडी सत्र आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन मुजफ्फरनगर ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी के सहयोग से किया गया, जिसमें डॉक्टर सुनीता तांडुलवडकर और डॉक्टर जयदीप टांक के नेतृत्व में विशेषज्ञों ने भाग लिया। प्लाजा होटल और रिजॉर्ट में आयोजित इस वर्कशॉप में 70 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉक्टर अनीता अग्रवाल, डॉक्टर प्रीति गर्ग सहित कई वरिष्ठ डॉक्टरों ने योगदान दिया।
प्रशिक्षण सत्र में मातृ एनीमिया के प्रबंधन, पोस्टपार्टम हेमरेज (PPH) नियंत्रण, प्रसव के तीसरे चरण के सक्रिय प्रबंधन, महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य, स्तनपान और मातृ देखभाल की सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा की गई। इस प्रोजेक्ट के तहत 40 पैरामेडिकल स्टाफ को भी प्रशिक्षण दिया गया।
FOGSI के इस राष्ट्रीय स्तर के प्रोजेक्ट का उद्देश्य भारत में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, साक्ष्य-आधारित और व्यापक रूप से सुलभ बनाना है। अधिक जानकारी के लिए www.fogsi.org पर विजिट किया जा सकता है।















