दिल्ली-NCR में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे राजधानी दिल्ली में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए लोहे के पुल को आज शाम से बंद करने का फैसला लिया है ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना को रोका जा सके। लोहे का पुल दिल्ली को उत्तर प्रदेश और हरियाणा से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, ऐसे में इसके बंद होने से ट्रैफिक व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका है और राहत-बचाव दल को तैयार रखा गया है।
उधर, गुरुग्राम में भी भारी बारिश का असर साफ दिख रहा है। शहर की प्रमुख सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे आम लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैफिक जाम और जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने आईटी कंपनियों और निजी कार्यालयों को वर्क फ्रॉम होम की एडवाइजरी जारी की है। इसका मकसद सड़कों पर दबाव कम करना और लोगों को सुरक्षित रखना है। साथ ही, नगर निगम की टीमें लगातार पंपिंग सेट के जरिए पानी निकालने में जुटी हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बारिश का सिलसिला ऐसे ही जारी रहा तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। दिल्ली सरकार ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सक्रिय कर दिया है और लगातार यमुना के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। बाढ़ संभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
प्रभावित इलाके
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दिल्ली: लोहे के पुल से सटे इलाके, मजनूं का टीला, कश्मीरी गेट, यमुना बाजार, कल्याणपुरी, मयूर विहार फेज-1, ओखला और तैमूर नगर जैसे निचले क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।
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गुरुग्राम: सोहना रोड, गोल्फ कोर्स रोड, सेक्टर 29, साइबर सिटी और दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर पानी भरने से आम लोगों और दफ्तर जाने वालों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
राहत उपाय
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दिल्ली सरकार ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया है और लगातार जलस्तर की निगरानी की जा रही है।
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प्रभावित इलाकों में राहत शिविर और सुरक्षित स्थान बनाए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को वहां शिफ्ट किया जा सके।
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NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें अलर्ट मोड पर हैं और नावों व पंपिंग सेट की व्यवस्था की गई है।
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गुरुग्राम में प्रशासन ने सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने के लिए वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता देने की अपील की है।















