मुजफ्फरनगर में लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर ‘‘राष्ट्रीय एकता दिवस’’ बड़े उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट स्थित जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने की। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता और अखंडता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने के प्रति नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना और सरदार पटेल के योगदान को स्मरण करना था।जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपने दृढ़ संकल्प, राजनीतिक दूरदर्शिता और अदम्य इच्छाशक्ति के बल पर स्वतंत्र भारत के एकीकरण का कार्य पूरा किया। उन्होंने बताया कि जिस भारत को आज हम एक मजबूत राष्ट्र के रूप में देखते हैं, उसकी नींव पटेल के नेतृत्व और उनकी अद्वितीय संगठन क्षमता ने रखी थी।
उन्होंने कहा कि देश की अखंडता और एकता बनाए रखना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह हर नागरिक का दायित्व है। हमें उनके आदर्शों और विचारों को अपने जीवन में अपनाकर राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना चाहिए।उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे देश की एकता और भाईचारे को बनाए रखने के लिए सदैव तत्पर रहें। जिलाधिकारी ने कहा कि सरदार पटेल ने जिस तरह विभिन्न रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर आधुनिक भारत की नींव रखी, उसी प्रकार हमें समाज में सौहार्द और सद्भाव की भावना को सशक्त बनाना होगा। उन्होंने कहा कि विभाजनकारी शक्तियों से दूर रहकर ही हम देश की अखंडता को सुदृढ़ कर सकते हैं।कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक स्वर में राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति समर्पित रहने की शपथ ली। शपथ ग्रहण के दौरान पूरा सभागार देशभक्ति की भावना से गूंज उठा। जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस का यह आयोजन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि यह हमारे अंदर देश के प्रति समर्पण और एकता की भावना को प्रबल करने का अवसर है।इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित कलेक्ट्रेट के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सरदार पटेल के योगदान और राष्ट्र के प्रति उनकी निष्ठा को याद करते हुए सामूहिक रूप से राष्ट्रगान के साथ किया गया। पूरा आयोजन सौहार्द, अनुशासन और देशभक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुआ।
















