ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सोमवार को एक संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में थल सेना, वायु सेना और नौसेना के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) ने अहम जानकारियां साझा कीं। यह ऑपरेशन भारत की तीनों सेनाओं की सामूहिक तैयारियों और संयुक्त कार्रवाई की क्षमता को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यास है। प्रेस कांफ्रेंस में बताया गया कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य देश की सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाना और दुश्मन की किसी भी गतिविधि का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए समन्वित तैयारी करना है। तीनों सेनाओं ने एक साथ काम करते हुए रणनीतिक स्थलों पर अभ्यास किया और नई तकनीकों और हथियार प्रणालियों का परीक्षण किया। इस ऑपरेशन के तहत समुद्री, वायु और भूमि सीमाओं पर तेजी से कार्रवाई और समन्वय की क्षमता का प्रदर्शन किया गया। DGMOs ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर केवल अभ्यास नहीं, बल्कि एक स्पष्ट संदेश है कि भारत किसी भी चुनौती से निपटने को तैयार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और सेनाएं किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम हैं। ऑपरेशन सिंदूर में शामिल यूनिट्स और अफसरों की सराहना भी की गई।















