दादा लड़े प्रथम विश्व युद्ध, पिता ने ‘पाक’ को चटाई धूल अब पोता भी शहीद.

राजस्थान की वीर भूमि झुंझुनूं जिले के लालपुर उस समय मातम झा गया जब गांव का एक लाल भारत माता की सेवा करने के दौरान शहीद हो गया. दरअसल, जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में चल रहे ऑपरेशन के दौरान हवलदार इकबाल खान शहीद हो गए. कुपवाड़ा में एलओसी लाइन जीरो पर करीब एक हजार फिट पर इकबाल खान पेट्रोलिंग कर रहे थे. तभी अचानक उन्हें कमजोरी महसूस हुई. इसके बाद इकबाल खान को नीचे लाया गया. जिस हाईट पर इकबाल खान थे, उनको नीचे लाने में और मेडिकल शुरू करने में करीब एक घंटा लग गया. इसके बाद कैंप अस्पताल में डॉक्टरों ने चेकअप के बाद इकबाल को मृत घोषित कर दिया.हवलदार इकबाल खान 21 ग्रेनेडियर्स यूनिट में तैनात थे. 26 अगस्त को अचानक तबीयत खराब हुई थी. शहीद का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव पहुंचा तो मातम छा गया. परिवार में शहीद की पत्नी बार-बार बेहोश हो जा रही थी. शहीद इकबाल खान का परिवार तीन पीढ़ियों से भारत माता की सेवा कर रहा है.

दादा ने लड़ा था प्रथम विश्व युद्ध

दादा अफजल खां प्रथम विश्व युद्ध की लड़ाई में शामिल हुए थे और हवलदार से रिटायर्ड हुए थे. पिता यासिन खान 1971 में पाकिस्तान से हुई लड़ाई में भाग लिया था. इकबाल खान तीसरी पीढ़ी के थे जोकि देश की सेवा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया. इकबाल की 10 वर्षीय बेटी कक्षा 4 में में पढ़ती है. इकबाल खान 20 दिन की छुट्टी बिताने के बाद 3 जुलाई को वापस ड्यूटी पर लौटे थे.

नम आंखों से शहीद को दी अंतिम विदाई

हवलदार इकबाल खान को सुर्पुद खाक करने से पहले जनाजे की नमाज अदा की गई. इसके बाद सैनिक सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑर्नर दिया गया. इस दौरान झुंझुनूं सांसद बृजेंद्र ओला, जिला कलेक्टर अरूण कुमार, जिला पुलिस अधीक्षक ज्योतिप्रकाश उपाध्याय, अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष एमडीचोपदार, झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू, पिलानी विधायक पितराम काला, उदयपुरवाटी विधायक भगवानाराम सैनी, भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षिनी कुल्हरी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश सुंडा, भाजपा नेता बबलू चौधरी, पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा समेत कई लोगों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.

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