मुजफ्फरनगर में बाल श्रम मुक्त अभियान के तहत उत्तर प्रदेश सरकार और सहायक श्रम आयुक्त के दिशा-निर्देश में बाल कल्याण समिति, मानव तस्करी विरोधी इकाई, स्वयंसेवी संगठन, और श्रम विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान आर्य समाज रोड, भगत सिंह रोड, मीनाक्षी चौक आदि स्थानों पर बाल श्रमिकों की पहचान की गई और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
इस अभियान में श्रम परिवर्तन अधिकारी सुश्री शालू राणा और बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती रीना पवार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि यदि कोई सेवायोजक 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे से श्रम करवाता है, तो बाल श्रम अधिनियम 1986 और संशोधन 2016 के तहत 20,000 रुपये का जुर्माना या 2 वर्ष तक की सजा हो सकती है। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के अधिकार के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।इस अभियान में थाना एएचटी से कांस्टेबल अमरजीत, कांस्टेबल धर्मेंद्र, निरीक्षक कमलेश और एक्सेस टू जस्टिस प्रोजेक्ट से गौरव मालिक आदि उपस्थित रहे। सहायक श्रम आयुक्त श्री देवेश सिंह ने भी इस अभियान के निरंतर चलने की जानकारी दी, जो 21 नवंबर तक जारी रहेगा।















