मुजफ्फरनगर जनपद के विकासखंड जानसठ के अंतर्गत खादर क्षेत्र में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को देखते हुए 8 अगस्त 2025 को मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वे ट्रैक्टर से संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और सिंचाई विभाग के अभियंताओं के साथ प्रभावित गांवों में पहुंचे और बाढ़ की गंभीरता का निरीक्षण किया।खादर क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे पहुंचकर उन्होंने जलस्तर की स्थिति देखी और अधिकारियों को सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। ग्रामीणों से बातचीत के दौरान जानकारी मिली कि सुबह से जलस्तर में कुछ गिरावट आई है, जिससे स्थिति थोड़ी सामान्य प्रतीत हो रही है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर परिस्थिति पर निगाह रखी जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिले का प्रशासन पूर्ण रूप से तैयार है।मुख्य विकास अधिकारी ने गंगा नदी के किनारे स्थित संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करते हुए सिंचाई विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने और तकनीकी दृष्टिकोण से सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के निर्देश दिए। साथ ही, स्थानीय प्रशासन को बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की हरसंभव मदद करने के लिए सक्रिय रहने को कहा गया।देवल गांव स्थित बाढ़ चौकी का भी निरीक्षण किया गया, जहां बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए रहने की अस्थायी व्यवस्था की गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत सामग्री की आपूर्ति समय से सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा कैंप सक्रिय रखने और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन उनकी हर समस्या को प्राथमिकता से सुन रहा है और लगातार राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे मौके पर ही उपस्थित रहकर स्थिति की निगरानी करें और किसी भी तरह की शंका या आशंका को समय रहते दूर करें। साथ ही, गांवों में सतर्कता और जागरूकता अभियान भी चलाने पर बल दिया गया, ताकि लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें।इस दौरान जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे और बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई।















