मुज़फ्फरनगर। जिले के पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित मासिक व्यापारिक गोष्ठी में पुलिस प्रशासन और व्यापारियों के बीच संवाद का विशेष अवसर बना। इस बैठक की अध्यक्षता एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ और मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग कुमार ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं को सुनना और उन्हें साइबर क्राइम जैसी आधुनिक चुनौतियों से बचाव के उपायों की जानकारी देना रहा।गोष्ठी की शुरुआत पुलिस अधिकारियों ने व्यापारियों का स्वागत करते हुए की। इसके बाद एसपी क्राइम ने विस्तार से बताया कि आज के दौर में साइबर फ्रॉड तेजी से बढ़ रहा है और इसमें सबसे ज्यादा निशाना व्यापारी वर्ग बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी आए दिन नए–नए तरीके अपनाते हैं, जिनसे बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। इस मौके पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन भी किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने व्यापारियों को डिजिटल सुरक्षा के बारे में जागरूक किया।वर्कशॉप में बताया गया कि व्यापारी किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज का जवाब न दें और यदि कोई लिंक या फर्जी कॉल संदिग्ध लगे तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। एसपी क्राइम ने व्यापारियों को “हेल्प टैक्स पोर्टल“, “संचार साथी ऐप” और “चक्षु पोर्टल” जैसे डिजिटल प्लेटफार्मों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन माध्यमों से व्यापारी संदिग्ध नंबरों और फर्जीवाड़े की शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिससे उन्हें तुरंत ब्लॉक कराया जा सकेगा।बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि व्यापारी वर्ग अपने यहां लगे सीसीटीवी कैमरों को हमेशा सक्रिय रखें और उनका नियमित निरीक्षण करें। इससे किसी भी आपराधिक गतिविधि पर नियंत्रण पाया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शासन की मंशा है कि व्यापारी और पुलिस के बीच बेहतर सामंजस्य हो ताकि व्यापार सुचारु रूप से चलता रहे और कानून–व्यवस्था भी मजबूत बनी रहे।एसपी क्राइम ने बैठक में यह भी उल्लेख किया कि जिले में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक्सीडेंट प्रोन क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर जल्द ही ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा ताकि व्यापारी और आम नागरिक दोनों सुरक्षित रह सकें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन हमेशा व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेगा और उनका समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा।गोष्ठी के अंत में व्यापारियों ने बैठक को बेहद उपयोगी और सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की गोष्ठियां समय–समय पर होती रहनी चाहिए, क्योंकि इससे न केवल पुलिस और व्यापारियों के बीच आपसी तालमेल बढ़ता है बल्कि व्यापार को सुरक्षित और सुचारु रूप से आगे बढ़ाने का मार्ग भी प्रशस्त होता है। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया और आशा व्यक्त की कि इस संवाद से जिले में बेहतर कानून–व्यवस्था और सुरक्षित कारोबारी माहौल कायम होगा।















