मुजफ्फरनगर। अपर मुख्य सचिव एवं आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश प्रयागराज द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में मुजफ्फरनगर में अवैध शराब के विरुद्ध विशेष प्रवर्तन अभियान लगातार जारी है। जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर के निर्देशन में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने उत्तराखंड बॉर्डर से सटे संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर छापेमारी की।
इस अभियान का नेतृत्व जिला आबकारी अधिकारी मुजफ्फरनगर ने किया। उनके साथ जनपद के सभी आबकारी निरीक्षक, आबकारी विभाग की टीमें तथा थाना पुरकाजी की पुलिस टीम मय अधीनस्थ स्टाफ शामिल रही। कार्रवाई के दौरान थाना भोपा क्षेत्र के गांव अमलावाला एवं थाना पुरकाजी क्षेत्र के ग्राम दादूपुर को विशेष रूप से चिन्हित किया गया, जहां सुबह तड़के दिन निकलते ही छापेमारी शुरू की गई।छापेमारी के दौरान आबकारी एवं पुलिस टीमों ने गांवों के जंगल क्षेत्रों, संदिग्ध स्थानों, बंद पड़े मकानों तथा आकस्मिक स्थलों की सघन तलाशी ली। टीम का उद्देश्य अवैध शराब की बिक्री, निर्माण एवं तस्करी से जुड़े किसी भी नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करना रहा। कार्रवाई के दौरान कई संदिग्ध ठिकानों की गहन जांच की गई, जिससे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।
अभियान के तहत आबकारी और पुलिस अधिकारियों ने ग्राम अमलावाला एवं दादूपुर के ग्राम प्रधानों तथा ग्रामीणों के साथ बैठक भी आयोजित की। बैठक में ग्रामीणों को अवैध मदिरा से होने वाले सामाजिक, आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों के बारे में अवगत कराया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि अवैध शराब का निर्माण और बिक्री न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह समाज के लिए गंभीर खतरा भी है।
ग्रामीणों से अपील की गई कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में कहीं भी अवैध शराब की बिक्री, निर्माण या तस्करी की जानकारी मिले तो तत्काल इसकी सूचना संबंधित क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक या पुलिस को दें। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनपद में अवैध मदिरा के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और किसी भी सूरत में गैरकानूनी गतिविधियों को पनपने नहीं दिया जाएगा।
















