पंजाब और हरियाणा में शंभू और खनौरी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने 6 दिसंबर को दिल्ली कूच करने का फैसला किया है। ये किसान पिछले 280 दिनों से इन बॉर्डर पॉइंट्स पर डेरा डाले हुए हैं। उनकी प्रमुख मांगों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और अन्य कृषि से जुड़ी समस्याओं का समाधान शामिल है।
यात्रा की योजना:
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने बताया कि प्रदर्शनकारी जत्थों में दिल्ली कूच करेंगे, और हर दिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक मार्च जारी रहेगा। किसानों ने केंद्र सरकार से 26 नवंबर से पहले उनकी मांगों पर बातचीत करने की अपील की है, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा
क्या है किसानों की मांग?
किसानों का कहना है कि सरकार उन से बात नहीं कर रही है. संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा सरकार से फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं. किसान लीडर नेकहा, हम शांति से बैठ कर पिछले 9 महीने से सरकार से बात करने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया, इसके बाद हमारे पास अब कोई ऑप्शन नहीं बचा है, लेकिन अब हम दिल्ली जाएंगे.भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के तेजवीर सिंह ने कहा कि वो 280 दिनों से दो सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं और केंद्र ने 18 फरवरी से उनके साथ कोई बातचीत नहीं की है. इससे पहले केंद्रीय मंत्रियों और किसानों के बीच 18 फरवरी को बातचीत हुई थी. सरकार ने प्रस्ताव सामने रखा था कि सरकारी एजेंसियां एमएसपी पर दालें, मक्का और कपास की फसलें पांच सालों के लिए खरीदेंगी, लेकिन किसानों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था.















