बांदा/बदौसा । बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर ग्रीन एण्ड हैपी इंडिया ट्रस्ट के कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में युवाओं को बाल श्रम की भयावहता, संवैधानिक प्रावधानों और कानूनी अधिकारों से अवगत कराना, ताकि वे बदलाव के वाहक बन सकें। जब युवा संविधान के साथ खड़े होंगे, तभी बाल श्रम जैसे कलंक से समाज मुक्त होगा।
उमा कुशवाहा, डायरेक्टर ग्रीन एण्ड हैपी इंडिया ट्रस्ट ने कहा ष्अनुच्छेद 24 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम बच्चों की ढाल हैं, लेकिन तब तक बेअसर जब तक समाज जागरूक न हो।रजनी रैकवार, समाजसेवीरू ष्बाल श्रम तब तक पनपेगा जब तक हम चुप रहेंगे। हर युवा को बोलना होगा।संतोष कुशवाहा, युवा वक्तारू बदौसा से क्रांति की शुरुआत होनी चाहिए। हर पंचायत से बाल श्रम हटाना अब लक्ष्य है। जमीनी आंकड़े बताते हैं सच्चाई उत्तर प्रदेश में 1.2 लाख से अधिक बाल श्रमिक।बांदा जिले में 4,500 से ज्यादा बच्चे अभी भी मजदूरी में लिप्त।बदौसा, अतर्रा, नरैनी दृ सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र।युवाओं का संकल्प,सभी प्रतिभागियों ने यह शपथ ली कि वे,हर बच्चे को स्कूल तक पहुँचाएंगे।बाल श्रमिकों की पहचान कर प्रशासन से समन्वय करेंगे।बाल अधिकारों की अलख गांव-गांव तक जगाएँगे।















