मुजफ्फरनगर में 10वां आयुर्वेद दिवस राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र के सभागार में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग कपिल देव अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल सिंह निर्वाल, नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमलकिशोर देश भूषण सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत गरिमामयी माहौल में हुई, जहां अधिकारियों और अतिथियों ने आयुर्वेद के महत्व पर अपने विचार रखे।आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किए। आयुर्वेद चिकित्साधिकारी अरुण कुमार और अनुमा चौधरी ने आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की विशेषताओं और इसके जरिए रोगों के निवारण पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद केवल उपचार का माध्यम ही नहीं बल्कि जीवन शैली का आधार है, जिसे अपनाकर व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है।योग विशेषज्ञा सोनिया लूथरा ने योग और ध्यान की उपयोगिता पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि योग और आयुर्वेद दोनों ही भारतीय जीवन दर्शन की धरोहर हैं और मिलकर शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने में मदद करते हैं।कार्यक्रम में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में आयुर्वेद का महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आयुर्वेद को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने इसे प्राचीन भारतीय ज्ञान की धरोहर बताया, जो जटिल से जटिल रोगों को भी दूर करने की क्षमता रखता है। जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल सिंह निर्वाल ने कहा कि आयुर्वेद ने समय–समय पर यह साबित किया है कि यह गंभीर बीमारियों में भी कारगर है।नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि आमजन आयुर्वेद के लाभों को समझ सकें और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो सकें।कार्यक्रम के अंत में संवाद सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें उपस्थित लोगों ने विभिन्न रोगों और उनके उपचार से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर आयुर्वेद विशेषज्ञों ने दिया। इस मौके पर आयुर्वेद विभाग के अधिकारी–कर्मचारी, होम्योपैथिक विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और निजी क्षेत्र से जुड़े आयुर्वेदिक चिकित्सक भी शामिल हुए।कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी इसम पाल ने किया। आयोजन को सफल बनाने में जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी अक्षय कुमार कात्यायन का भी विशेष योगदान रहा। समापन अवसर पर सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि आयुर्वेद और योग ही स्वस्थ जीवनशैली का आधार हैं और इन्हें व्यापक स्तर पर अपनाया जाना चाहिए।















