राजगढ़ (अलवर)। राजगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र के मुर्राटा गांव की जोगियों की ढाणी स्थित शिव मंदिर में आयोजित शिवमहापुराण कथा के अंतिम दिन कथावाचक योगी कमलेश नाथ ने भगवान का स्मरण करते हुए सत्कर्म, दान और धर्म की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्कारित जीवन ही मोक्ष का मार्ग है तथा अन्नदान सभी दानों में सर्वोत्तम है। उन्होंने जीव सेवा को भी पुण्य कर्म बताया। कथा के समापन अवसर पर हवन यज्ञ की पूर्णाहुति की गई, जिसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। दोपहर से देर शाम तक हजारों श्रद्धालुओं ने भंडारे में पूरी, सब्जी और दाल का प्रसाद ग्रहण किया। साधु-संतों को दक्षिणा और वस्त्र भेंट कर सम्मानपूर्वक विदा किया गया। कार्यक्रम स्थल पर जय भोलेनाथ के जयकारे गूंजते रहे।















